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DepthFirst AI Model: कम लागत में Claude Mythos से बेहतर रिजल्ट देने का दावा, AI इंडस्ट्री में बढ़ी हलचल

By Riya Kumari

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DepthFirst AI Model: कम लागत में Claude Mythos से बेहतर रिजल्ट देने का दावा, AI इंडस्ट्री में बढ़ी हलचल

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सोशल संवाद / डेस्क : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक नए AI मॉडल DepthFirst ने हलचल मचा दी है। स्टार्टअप कंपनी का दावा है कि उसका AI मॉडल बेहद कम लागत में Claude Mythos से बेहतर साइबर सिक्योरिटी रिजल्ट देने में सक्षम है। इस दावे के बाद AI और साइबर सिक्योरिटी इंडस्ट्री में नई बहस शुरू हो गई है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, DepthFirst ने दावा किया है कि उसके टास्क-ट्यून AI सिस्टम ने कुछ ऐसी गंभीर vulnerabilities खोजीं जिन्हें Anthropic का Claude Mythos मॉडल पहचान नहीं पाया था।

क्या है DepthFirst AI का दावा?

स्टार्टअप का कहना है कि उसका AI मॉडल खास तौर पर vulnerability detection और security research जैसे सीमित लेकिन महत्वपूर्ण कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस मॉडल ने FFmpeg जैसे लोकप्रिय इंटरनेट सॉफ्टवेयर में कई memory corruption flaws खोजे।

DepthFirst के CEO कासिम मिथानी के मुताबिक, जहां Claude Mythos जैसे बड़े मॉडल को एक विशेष स्कैनिंग प्रक्रिया में लगभग 10,000 डॉलर का कंप्यूट खर्च लगा, वहीं उनका मॉडल करीब 1,000 डॉलर में समान या बेहतर परिणाम देने में सक्षम रहा।

क्यों खास माना जा रहा है यह AI मॉडल?

AI एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मामला “General AI vs Specialized AI” की बहस को और तेज कर सकता है।

जहां Claude Mythos जैसे मॉडल कई तरह के जटिल कार्य करने के लिए बनाए गए हैं, वहीं DepthFirst जैसे मॉडल केवल साइबर सिक्योरिटी जैसे विशेष कामों पर फोकस करते हैं। इससे लागत कम हो सकती है और कुछ मामलों में बेहतर सटीकता भी मिल सकती है।

Claude Mythos क्यों चर्चा में है?

Anthropic का Claude Mythos हाल के महीनों में काफी चर्चा में रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मॉडल जटिल साइबर सुरक्षा खामियों को खोजने और exploit तैयार करने में बेहद सक्षम माना जा रहा है। इसकी क्षमताओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और टेक विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई थी।

कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि मॉडल इतना शक्तिशाली है कि Anthropic ने इसे सीमित एक्सेस के तहत रखा है।

AI इंडस्ट्री में बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा

DepthFirst के दावे ने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में छोटे और specialized AI मॉडल बड़ी कंपनियों के महंगे frontier models को चुनौती दे सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कम लागत वाले मॉडल बेहतर performance देने लगते हैं, तो कंपनियां expensive general AI systems की जगह focused AI tools अपनाने पर जोर दे सकती हैं।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

इस दावे को लेकर Reddit और टेक कम्युनिटी में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ यूजर्स ने इसे AI इंडस्ट्री के लिए बड़ा बदलाव बताया, जबकि कई लोगों ने स्वतंत्र परीक्षण और प्रमाण की मांग की है।

AI सिक्योरिटी का नया दौर?

टेक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित साइबर सिक्योरिटी टूल्स तेजी से विकसित होंगे। इससे सुरक्षा शोध तेज हो सकता है, लेकिन साथ ही AI के दुरुपयोग को लेकर चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।

DepthFirst और Claude Mythos के बीच तुलना ने फिलहाल यह साफ कर दिया है कि AI की दुनिया में अब केवल “सबसे बड़ा मॉडल” ही नहीं, बल्कि “सबसे कुशल मॉडल” भी बड़ी भूमिका निभाने वाला है।

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