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स्कूल निरीक्षण के दौरान शिक्षक की भूमिका में नजर आए उपायुक्त मनीष कुमार, छात्रों को पढ़ाया गणित

By Riya Kumari

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स्कूल निरीक्षण के दौरान शिक्षक की भूमिका में नजर आए उपायुक्त मनीष कुमार, छात्रों को पढ़ाया गणित
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सोशल संवाद / चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार मनोहरपुर प्रखंड के भ्रमण के दौरान एस.एस.आई.पी. प्लस टू उच्च विद्यालय, मनोहरपुर पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मनोहरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी शक्ति कुंज भी मौजूद रहे।

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निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ और स्कूल में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

छात्रों को पढ़ाया गणित का पाठ

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार का अलग अंदाज देखने को मिला। वे शिक्षक की भूमिका में विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और उन्हें गणित का पाठ पढ़ाया। उन्होंने छात्रों से गणित के सवाल पूछकर उनकी विषयगत समझ को परखा और कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया।

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई, अनुशासन और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

DMFT से बन रहे छह कमरों के भवन का लिया जायजा

उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में DMFT मद से निर्माणाधीन छह कमरों वाले भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के साथ निर्धारित मानकों के अनुरूप काम को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध विकास मद से साइकिल स्टैंड बनाने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा स्कूल परिसर में हैंड वॉश यूनिट, पेवर ब्लॉक और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल पर जोर

उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में लगातार सुधार के साथ परिसर की स्वच्छता, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यालय सिर्फ शिक्षा देने का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। इसलिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना जरूरी है।

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