सोशल संवाद / डेस्क : AI अब पुराने समय के साधारण चैटबॉट्स से कहीं आगे बढ़ चुका है। ऐसे नए सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं जो कई काम खुद-ब-खुद कर सकते हैं। एक नई रिपोर्ट में यह देखा गया है कि क्या भारत में डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन कॉमर्स के लिए ‘एजेंटिक AI’ का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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जहां पारंपरिक सॉफ्टवेयर को यूज़र से खास निर्देशों का इंतज़ार करना पड़ता है, वहीं एजेंटिक AI सिस्टम को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि वे किसी खास लक्ष्य को पाने के लिए कई काम एक साथ कर सकें। पेमेंट के मामले में, इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल प्रोडक्ट्स की तुलना करने, ट्रांज़ैक्शन संभालने या खरीदारी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए किया जा सकता है।
बेशक, इतनी ज़्यादा आज़ादी से सुरक्षा, सहमति और फाइनेंशियल कंट्रोल को लेकर नई चिंताएं भी पैदा होती हैं। चूंकि समस्याओं का सीधा असर पैसों पर पड़ सकता है, इसलिए डिजिटल पेमेंट सिस्टम में ज़रूरी सुरक्षा उपाय होने चाहिए।
भारत में एजेंटिक AI का बढ़ना खास तौर पर उल्लेखनीय है, क्योंकि यहां डिजिटल पेमेंट रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। हालांकि, यह टेक्नोलॉजी फिनटेक के जितनी करीब आएगी, रेगुलेटर्स और इंडस्ट्री के मन में उतने ही ज़्यादा सवाल उठेंगे कि ऑटोमेटेड सिस्टम को कैसा व्यवहार करना चाहिए।










