सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड-ओडिशा सीमा के पास Railway ट्रैक पर हाथियों के झुंड के पहुंचने से रेल यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया। हाथियों की आवाजाही के कारण कई ट्रेनों को रोकना पड़ा, जिससे टाटानगर की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों की गति धीमी हो गई और कुछ ट्रेनें देरी से चलीं।
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Railway ट्रैक पर दिखा हाथियों का झुंड
जानकारी के अनुसार ओडिशा के जंगलों से निकलकर हाथियों का झुंड रेलवे लाइन के पास पहुंच गया। ट्रैक पर हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही रेलवे और वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई। किसी भी हादसे से बचने के लिए ट्रेनों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया।
रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन चालकों को सतर्क रहने और उस रूट पर ट्रेनों की गति कम रखने के निर्देश दिए।
टाटानगर की ओर आने वाली ट्रेनें प्रभावित
हाथियों के झुंड के कारण इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। कुछ ट्रेनों को पास के स्टेशनों पर रोका गया, जबकि कुछ ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई। इससे यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जंगल वाले इलाकों में अक्सर हाथियों की आवाजाही होती है, इसलिए ट्रेनों को सावधानी से चलाया जाता है। कई बार ट्रेन संचालन को अस्थायी रूप से रोककर हाथियों को सुरक्षित रास्ता दिया जाता है।

हादसे से बचाने के लिए एहतियात
रेलवे और वन विभाग की संयुक्त टीम लगातार ट्रैक की निगरानी कर रही है। हाथियों के झुंड के पूरी तरह जंगल में लौटने के बाद ही ट्रेनों का संचालन सामान्य किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार झारखंड-ओडिशा के कई रेल सेक्शन जंगलों से होकर गुजरते हैं, जहां हाथियों की आवाजाही आम बात है। ऐसे में ट्रेनें रोकना या धीमी करना ही सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
रेलवे ट्रैक पर हाथियों के आने से कुछ समय के लिए रेल सेवाएं प्रभावित जरूर हुईं, लेकिन समय रहते ट्रेनों को रोककर बड़ा हादसा टाल दिया गया।










