FSSAI Action on Old Monk & Royal Challenge: कुछ वेरिएंट्स पर लगी रोक, जानें वजह

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
FSSAI Ban on Old Monk and Royal Challenge

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : देश की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने कुछ प्रमुख शराब ब्रांड्स के चुनिंदा वेरिएंट्स की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फैसला किया है। इस कार्रवाई में Old Monk, Royal Challenge, Bagpiper, Antique Blue और Old Cask Rum जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के कुछ विशेष बैच शामिल हैं।

यह भी पढ़े : Ganesh Chaturthi 2026: महाराष्ट्र में इस साल POP गणेश मूर्तियों पर नहीं लगेगी रोक, हाई कोर्ट में सरकार का बड़ा बयान

रिपोर्ट के अनुसार, जांच में पाया गया कि कुछ उत्पादों में प्राकृतिक परिपक्वता (Maturation) से विकसित होने वाले स्वाद की जगह कृत्रिम फ्लेवरिंग कंपाउंड्स का उपयोग किया गया था, जो भारतीय खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं माना गया।

FSSAI ने कार्रवाई क्यों की?

जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शराब में उसी प्रकार का अतिरिक्त फ्लेवर मिला रही थीं, जिसका स्वाद प्राकृतिक रूप से वर्षों की प्रक्रिया के बाद विकसित होना चाहिए।

पारंपरिक रूप से व्हिस्की और रम का स्वाद इन प्रक्रियाओं से विकसित होता है—

  • किण्वन (Fermentation)
  • आसवन (Distillation)
  • लकड़ी के बैरल में लंबे समय तक परिपक्व होना (Barrel Aging)

लेकिन जांच में आरोप है कि कुछ उत्पादों में इस प्राकृतिक प्रक्रिया की जगह कृत्रिम या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवर का इस्तेमाल किया गया।

क्या नियमों का उल्लंघन हुआ?

FSSAI के अनुसार, भारतीय मानकों के तहत अल्कोहलिक पेय पदार्थों में केवल अनुमत प्राकृतिक फ्लेवरिंग पदार्थों का ही उपयोग किया जा सकता है। यदि कोई निर्माता कृत्रिम फ्लेवरिंग कंपाउंड्स का उपयोग कर शराब को कृत्रिम रूप से “मैच्योर” स्वाद देने का प्रयास करता है, तो वह निर्धारित गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन माना जा सकता है।

नियामक का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को प्राकृतिक रूप से तैयार उत्पाद की बजाय कृत्रिम स्वाद वाला उत्पाद मिल सकता है।

किन ब्रांड्स के वेरिएंट्स प्रभावित हुए?

कार्रवाई सभी उत्पादों पर नहीं बल्कि कुछ विशेष मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में बने वेरिएंट्स पर लागू हुई है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • Old Monk के तीन वेरिएंट्स (महाराष्ट्र की एक विशेष निर्माण इकाई में निर्मित)
  • Royal Challenge
  • Antique Blue
  • Bagpiper
  • Old Cask Rum

क्या सभी Old Monk और Royal Challenge बाजार से हटेंगे?

नहीं।

FSSAI की कार्रवाई पूरे ब्रांड पर नहीं बल्कि केवल कुछ विशिष्ट निर्माण इकाइयों (Manufacturing Units) में बने उत्पादों पर लागू होती है। इसका मतलब है कि अन्य राज्यों या अन्य यूनिट्स में निर्मित उन्हीं ब्रांड्स के उत्पादों पर फिलहाल यह प्रतिबंध स्वतः लागू नहीं माना जाएगा।

उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?

  • केवल प्रभावित यूनिट्स में बने वेरिएंट्स की बिक्री पर रोक रहेगी।
  • अन्य अधिकृत निर्माण इकाइयों के उत्पाद फिलहाल बाजार में उपलब्ध रह सकते हैं।
  • यदि आगे जांच में अन्य बैच भी प्रभावित पाए जाते हैं तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

AQs

क्या Old Monk पूरी तरह बैन हो गई है?

नहीं। केवल कुछ विशेष निर्माण इकाइयों में बने चुनिंदा वेरिएंट्स पर कार्रवाई हुई है।

क्या Royal Challenge की सभी बोतलें बाजार से हटेंगी?

नहीं। केवल संबंधित यूनिट्स में निर्मित प्रभावित वेरिएंट्स पर रोक लागू है।

FSSAI की आपत्ति क्या है?

जांच में आरोप है कि कुछ उत्पादों में प्राकृतिक परिपक्वता की बजाय कृत्रिम फ्लेवरिंग कंपाउंड्स का उपयोग किया गया।

क्या उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत है?

फिलहाल कार्रवाई केवल संबंधित बैच और निर्माण इकाइयों तक सीमित है। आगे की जांच के आधार पर अतिरिक्त निर्णय लिए जा सकते हैं।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट

Exit mobile version