सोशल संवाद / डेस्क : इंटरनेट पर उम्र छिपाकर या गलत जन्मतिथि डालकर अकाउंट इस्तेमाल करने वालों के लिए Google ने बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अपने Age Verification System को और बेहतर बना रही है, जिससे अब सिर्फ यूजर द्वारा दर्ज की गई जन्मतिथि के आधार पर उम्र तय नहीं होगी।
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AI से होगी यूजर की उम्र की पहचान
Google अब उम्र की पुष्टि के लिए कई संकेतों का इस्तेमाल कर रहा है। अगर सिस्टम को लगता है कि किसी यूजर ने अपनी उम्र गलत बताई है, तो वह अतिरिक्त वेरिफिकेशन की मांग कर सकता है। इसमें पहचान पत्र, सेल्फी वेरिफिकेशन या अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सिर्फ जन्म तारीख बदलने से नहीं चलेगा काम
पहले कई यूजर्स अकाउंट बनाते समय अपनी उम्र बढ़ाकर दर्ज कर देते थे और आसानी से उम्र आधारित सेवाओं का इस्तेमाल कर लेते थे। लेकिन नए सिस्टम में Google उम्र की पुष्टि के लिए अतिरिक्त जांच कर सकता है, जिससे गलत जानकारी देकर प्रतिबंधित कंटेंट तक पहुंचना मुश्किल होगा।
किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?
Google का यह बदलाव खास तौर पर उन सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जहां उम्र की सीमा तय होती है। जैसे कुछ YouTube कंटेंट, ऐप्स और अन्य डिजिटल फीचर्स तक पहुंच के लिए उम्र सत्यापन जरूरी हो सकता है।
वेरिफिकेशन के लिए मिलेंगे कई विकल्प
अगर Google को किसी अकाउंट की उम्र पर संदेह होता है, तो यूजर को उम्र साबित करने के लिए अलग-अलग विकल्प दिए जा सकते हैं। इनमें सरकारी पहचान पत्र, क्रेडिट कार्ड या सेल्फी आधारित वेरिफिकेशन जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर फोकस
Google समेत कई टेक कंपनियां नाबालिग यूजर्स को उम्र के हिसाब से सुरक्षित डिजिटल अनुभव देने के लिए उम्र सत्यापन तकनीक पर काम कर रही हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को ऐसे कंटेंट से बचाना है जो उनकी उम्र के लिए उपयुक्त नहीं है।









