सोशल संवाद / डेस्क : देश के कई हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में तेज गर्मी और लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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ऐसे मौसम में सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
हीटवेव में शरीर को कैसे रखें हाइड्रेट?
गर्मी के मौसम में शरीर से पसीने के जरिए तेजी से पानी निकलता है। ऐसे में खुद को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ओआरएस जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी में भी हल्के और तरल पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया है।
गर्मी में क्या करें और क्या न करें?
क्या करें:
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
- हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें
- सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढककर रखें
- तरबूज, खीरा, खरबूजा जैसे पानी वाले फल खाएं
- दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें
क्या न करें:
- खाली पेट धूप में बाहर न जाएं
- ज्यादा चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक का सेवन न करें
- लंबे समय तक धूप में खड़े न रहें
- बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप में न भेजें
हीटस्ट्रोक के लक्षण पहचानना है जरूरी
अगर किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, कमजोरी, ज्यादा प्यास लगना या बेहोशी जैसी समस्या हो रही है, तो यह हीटस्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत छांव वाली जगह पर ले जाएं, पानी पिलाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
IMD और स्वास्थ्य विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय सीधे धूप में जाने से बचने और ज्यादा से ज्यादा हाइड्रेट रहने की सलाह दी है। खासकर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और सही खानपान अपनाकर गर्मी और लू के असर से काफी हद तक बचा जा सकता है।vidIQ










