सोशल संवाद/डेस्क : भारतीय निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची के मसौदे में नाम नहीं होने पर दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरने को लेकर स्थिति स्पष्ट की।
आयोग ने कहा है कि पहले से मतदाता के रूप में पंजीकृत रहे व्यक्ति भी अपना नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। इसे गलत घोषणा मानकर सिर्फ इस आधार पर उनके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं होगी।
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यह स्पष्टीकरण उन लोगों की चिंताओं के बीच आया है, जिनके नाम एसआईआर मसौदा सूची से हटे। आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे एक पत्र में कहा कि, पता चला है कि कुछ लोगों के नाम एसआईआर के दौरान जारी मसौदा मतदाता सूची में नहीं हैं। ये लोग फॉर्म-6 जमा करने से हिचकिचा रहे हैं। आयोग ने कहा कि ऐसे मतदाताओं को लगता है कि पहले से पंजीकृत होने के बावजूद फॉर्म 6 जमा करना गलत घोषणा माना जा सकता है। लेकिन इसे गलत घोषणा नहीं माना जाएगा।
सिर्फ इन मामलों में ही हो सकती है कार्रवाई
आयोग ने जोर देकर कहा है कि कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई तब तक नहीं की जा सकती, जब तक कि मतदाता ने कहीं और पंजीकरण न कराया हो या कोई गैर-कानूनी या गलत घोषणा न की हो।











