सोशल संवाद/डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में अभी और समय लग सकता है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अंतिम रूप दिया जाएगा। भारत चाहता है कि अमेरिकी बाजार में उसके उत्पादों को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर टैरिफ शर्तें मिलें।
बदली परिस्थितियों के हिसाब से होगा फैसला
पीयूष गोयल ने उद्योग मंडल PHDCCI के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क फरवरी में घोषित किया गया था। हालांकि, इसके बाद वैश्विक व्यापार और अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी परिस्थितियों में बदलाव आया है। ऐसे में समझौते को अंतिम रूप देते समय इन बदलावों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण के लिए फरवरी में एक रूपरेखा पर सहमति जताई थी। लेकिन अमेरिकी टैरिफ नीति में बदलाव के कारण इस समझौते पर बातचीत आगे भी जारी है।
अमेरिकी बाजार में कम टैरिफ चाहता है भारत
भारत की कोशिश है कि उसके उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला शुल्क उन देशों की तुलना में कम रहे, जिनसे भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
अमेरिका की टैरिफ नीति में आए बदलावों ने समझौते को जटिल बना दिया है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बातचीत का अहम मुद्दा भारतीय सामान को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाना है।
कई देशों के साथ व्यापार समझौते की तैयारी
भारत केवल अमेरिका के साथ ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों और क्षेत्रीय समूहों के साथ भी व्यापारिक संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। पीयूष गोयल के अनुसार, इजराइल, चिली, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ व्यापार समझौतों को लेकर बातचीत चल रही है।
इसके अलावा, कनाडा के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ रही है, जबकि दक्षिण अफ्रीका के नेतृत्व वाले दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU) के साथ वार्ता शुरू करने की तैयारी है। मेक्सिको के साथ भी व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने की योजना है।
ब्रिटेन और कनाडा के मंत्री करेंगे भारत का दौरा
गोयल ने बताया कि ब्रिटेन और कनाडा के व्यापार मंत्री अगले सप्ताह भारत आ सकते हैं। ब्रिटेन के मंत्री की यात्रा के दौरान भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति (JETCO) की बैठक भी होगी। भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौता जुलाई में लागू हुआ था।
भारत का उद्देश्य विभिन्न देशों के साथ व्यापारिक साझेदारी बढ़ाकर निर्यात के नए अवसर तैयार करना है।
सितंबर तक निर्यात के आंकड़े रहे अच्छे
पीयूष गोयल ने कहा कि सितंबर तक के निर्यात आंकड़े अच्छे रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आंकड़े सामने आने के बाद भारत के एक ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को लेकर उम्मीद और मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अंतिम फैसला बदलती वैश्विक परिस्थितियों और भारतीय निर्यातकों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। फिलहाल, दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और समझौते की अंतिम शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।











