सोशल संवाद / डेस्क : अगर आप Instagram पर दोस्तों, पार्टनर या बिजनेस कॉन्टैक्ट्स से निजी बातें करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। Meta ने Instagram के Direct Messages (DM) से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाने का फैसला लिया है। इसके बाद आपकी चैट पहले जितनी प्राइवेट नहीं रहेगी और कंपनी तकनीकी रूप से मैसेज कंटेंट एक्सेस कर सकेगी।
यह भी पढे : Wireless Charging से बैटरी होती है खराब? जानें कितना सच और कैसे बचाएं फोन की बैटरी लाइफ

क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) एक ऐसी सिक्योरिटी तकनीक है जिसमें मैसेज सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही पढ़ सकता है। बीच में कोई तीसरा व्यक्ति यहां तक कि प्लेटफॉर्म कंपनी भी चैट नहीं देख सकती।
Instagram ने यह फीचर 2023 में ऑप्शनल तौर पर शुरू किया था, लेकिन अब 8 मई 2026 से इसे बंद कर दिया गया है।
अब Meta क्या-क्या देख सकेगी?
एन्क्रिप्शन हटने के बाद Meta के पास तकनीकी रूप से इन चीजों तक पहुंच हो सकती है:
- निजी टेक्स्ट मैसेज
- फोटो और वीडियो
- वॉइस नोट्स
- बिजनेस और निजी बातचीत
हालांकि कंपनी का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और मॉडरेशन जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

आखिर Meta ने ऐसा फैसला क्यों लिया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहुत कम यूजर्स Instagram DM में E2EE फीचर का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा और अवैध कंटेंट मॉनिटरिंग को लेकर भी लगातार दबाव बढ़ रहा था।
यूजर्स की प्राइवेसी पर क्या असर पड़ेगा?
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिना E2EE के चैट्स पहले की तुलना में कम सुरक्षित हो जाती हैं। ऐसे में डेटा लीक, हैकिंग या कानूनी जांच के दौरान मैसेज एक्सेस किए जा सकते हैं।
अब क्या करें यूजर्स?
अगर आप अपनी प्राइवेट बातचीत को ज्यादा सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो ये कदम मददगार हो सकते हैं:
- Instagram पर संवेदनशील जानकारी शेयर करने से बचें
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें
- जरूरी चैट्स डाउनलोड और बैकअप कर लें
- ज्यादा प्राइवेट बातचीत के लिए E2EE सपोर्ट वाले प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करें
विशेषज्ञ WhatsApp और Signal जैसे ऐप्स को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं क्योंकि वहां एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन अब भी उपलब्ध है।
Instagram यूजर्स क्यों चिंतित हैं?
भारत समेत दुनिया भर में करोड़ों लोग Instagram DM का इस्तेमाल निजी बातचीत के लिए करते हैं। ऐसे में एन्क्रिप्शन हटने के फैसले ने प्राइवेसी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स Meta के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं।










