सोशल संवाद / डेस्क : International Nurses Day के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित पिल्लई सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक Florence Nightingale की जयंती पर आयोजित इस समारोह में स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों के योगदान को सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त Manish Kumar ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान सिविल सर्जन जुझार माझी, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक शिवचरण हंसदा, गोपनीय पदाधिकारी कुमार हर्ष और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई शुरुआत
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और फ्लोरेंस नाइटिंगेल की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद केक काटकर अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया गया और मरीजों की सेवा में नर्सों के समर्पण की सराहना की गई।
कार्यक्रम के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों और उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

“नर्सें समाज की सेवा और संवेदना की मिसाल” : उपायुक्त
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा, धैर्य और सेवा भावना स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि नर्सें बिना किसी भेदभाव के दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं और नवजात शिशुओं की देखभाल कर उन्हें नया जीवन देने में अहम भूमिका निभाती हैं। उपायुक्त ने कहा कि नर्सों को “नवजात बच्चों की पहली मां” कहना बिल्कुल उचित होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की भूमिका अहम
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य जागरूकता में नर्सों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी मेहनत और समर्पण के कारण ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित हो पाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के मौके पर जिले की नर्सों को उनके उत्कृष्ट कार्यों और मानवता की सेवा के प्रति समर्पण के लिए शुभकामनाएं दी गईं।











