सोशल संवाद / जमशेदपुर: झारखंड के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के लिए एक अहम उपलब्धि सामने आई है। Navachar Research Incubation and Innovation Council (NRIIC) के Third World Angel Network ने अपने इन्क्यूबेटेड स्टार्ट-अप Rikocraft में पहली बार निवेश करते हुए ₹5 लाख की फंडिंग दी है। Rikocraft हस्तशिल्प और पारंपरिक कारीगरी के क्षेत्र में काम करने वाला उभरता हुआ स्टार्ट-अप है।
12 साल की यात्रा के बाद फंडिंग के चरण में NRIIC
NRIIC के लिए यह निवेश सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि वर्ष 2014 से शुरू हुई 12 वर्षों की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। संस्था पिछले 12 वर्षों से झारखंड में स्टार्ट-अप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने, नए उद्यमियों को अवसर देने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
अब NRIIC की भूमिका केवल स्टार्ट-अप्स को इनक्यूबेशन और मार्गदर्शन देने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि संस्था अपने चयनित स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहयोग देने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।
Rikocraft को क्यों मिली फंडिंग?
NRIIC ने इस वर्ष अपने पोर्टफोलियो के कुछ चुनिंदा और संभावनाशील स्टार्ट-अप्स को फंडिंग देने का लक्ष्य तय किया है। Rikocraft को मिली ₹5 लाख की फंडिंग इसी पहल की पहली कड़ी है।
Rikocraft का उद्देश्य स्थानीय और पारंपरिक कारीगरों की कला को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक बाजारों से जोड़ना है। स्टार्ट-अप पारंपरिक हस्तशिल्प को नए बाजार और ग्राहकों तक पहुंचाने के साथ कारीगरों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
संस्थापक Koushik Chakraborty की पहल
Rikocraft के संस्थापक Koushik Chakraborty लगातार इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। Tier-II शहर से व्यवसाय खड़ा करने की चुनौतियों के बावजूद उनका प्रयास और प्रतिबद्धता स्टार्ट-अप की महत्वपूर्ण ताकत मानी जा रही है।
स्थानीय निवेशकों का नेटवर्क बनाने पर जोर
NRIIC के Director Amar Nath Singh ने कहा कि संस्था को यहां तक पहुंचने में 12 साल लगे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में झारखंड में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया था और अब अपने ही इन्क्यूबेटेड स्टार्ट-अप को वित्तीय सहयोग देने की स्थिति में पहुंचना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि Rikocraft में ₹5 लाख का निवेश सिर्फ शुरुआत है। NRIIC आगे भी अपने पोर्टफोलियो के संभावनाशील स्टार्ट-अप्स के लिए फंडिंग के अवसर तलाशेगा।
Tier-II और Tier-III शहरों के स्टार्ट-अप्स को मिले स्थानीय पूंजी
Amar Nath Singh ने छोटे शहरों में फंडिंग की चुनौती पर जोर देते हुए कहा कि स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय फंडिंग चैनल मजबूत करना जरूरी है।
उनके मुताबिक, छोटे शहरों के कई स्टार्ट-अप्स को अभी भी निवेश की तलाश में बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। यदि स्थानीय निवेशकों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाए तो स्टार्ट-अप्स को अपने ही शहर और राज्य में पूंजी मिल सकती है।
Third World Angel Network इसी दिशा में काम करते हुए संभावनाशील स्टार्ट-अप्स और निवेशकों के बीच कनेक्शन मजबूत करने की पहल है।
Tier-II या Tier-III शहर से आ सकता है अगला Unicorn
Amar Nath Singh के मुताबिक भारत का अगला Unicorn जरूरी नहीं कि किसी Metro City से ही आए। Tier-II और Tier-III शहरों में काम कर रहे युवा उद्यमी स्थानीय समस्याओं के समाधान पर नए बिजनेस मॉडल तैयार कर रहे हैं।
जरूरत सिर्फ सही समय पर पूंजी, मार्गदर्शन, बाजार और मजबूत इकोसिस्टम उपलब्ध कराने की है।
Idea से Business और अब Scale-up की ओर
Rikocraft में ₹5 लाख का निवेश NRIIC के लिए एक नए चरण की शुरुआत है। संस्था अब अपने स्टार्ट-अप्स को “Idea से Business” तक साथ देने के बाद “Business से Scale-up” की दिशा में वित्तीय सहयोग देने की ओर बढ़ रही है।
आने वाले समय में NRIIC के अन्य चयनित स्टार्ट-अप्स को भी निवेश और फंडिंग मिलने की उम्मीद है। इससे झारखंड के छोटे शहरों में स्थानीय उद्यमिता और निवेश संस्कृति को बढ़ावा मिल सकता है।










