सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब सरकार को साफ अल्टीमेटम दिया है। छात्रों का कहना है कि अगर आज उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाया जाएगा और अलग-अलग जिलों में अनशन शुरू किया जाएगा।
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छात्र लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बातें रखी गईं, लेकिन अभी तक उन्हें ऐसा समाधान नहीं मिला है, जिससे आंदोलन खत्म किया जा सके।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
छात्र संगठनों ने कहा है कि अब आंदोलन को सिर्फ रांची तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लेती है, तो झारखंड के अलग-अलग जिलों में अनशन और विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।
छात्रों का कहना है कि उनका मकसद किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार से जवाब मांगना है।
विधानसभा में भी गूंज रहा छात्रों का मुद्दा
JPSC-JSSC भर्ती को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भी लगातार उठ रहा है। विपक्षी विधायक भी इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं।
वहीं, सरकार की ओर से छात्रों की समस्याओं को सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी छात्रों की मांगों को लेकर विधानसभा में सरकार का पक्ष रख चुके हैं।
अब सरकार के फैसले पर टिकी नजर
छात्रों के अल्टीमेटम के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। अगर दोनों पक्षों के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में JPSC-JSSC छात्र आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को पूरे राज्य तक ले जाया जाएगा।









