सोशल संवाद / रांची: मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया गया। कैबिनेट ने जंगली जानवरों के हमले में मौत होने पर मिलने वाली अनुग्रह राशि को 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मंजूरी दे दी है।
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नई व्यवस्था के तहत गंभीर रूप से घायल होने पर मुआवजा 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, मामूली चोट लगने पर 25 हजार रुपये के बजाय 35 हजार रुपये और स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 3.5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मुआवजा भुगतान के लिए बनेगी समयबद्ध व्यवस्था
कैबिनेट ने मुआवजा वितरण प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को भी मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों को निर्धारित समय में मौके पर पहुंचना होगा और पीड़ित परिवार को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक के परिजनों को प्रारंभिक राहत के रूप में 1 लाख रुपये की राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। शेष राशि आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बना बड़ी चुनौती
झारखंड के कई जिलों, विशेषकर West Singhbhum, East Singhbhum, Saraikela-Kharsawan, गुमला, सिमडेगा और लातेहार में हाथियों एवं अन्य जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार का यह निर्णय प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में अन्य अहम फैसले
कैबिनेट ने वन्यजीव हमलों के मुआवजे के अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन अग्रिम सुविधा, कई सड़क परियोजनाओं, खनन पट्टों तथा विभिन्न प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बीच झारखंड सरकार का यह फैसला प्रभावित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। बढ़े हुए मुआवजे और त्वरित भुगतान व्यवस्था से पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है।









