सोशल संवाद / जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज के नए छात्रों के साथ बुधवार की रात पहली बार रैगिंग नहीं हुई थी। इससे पहले भी उनके साथ रैगिंग की गई और मुर्गा बनाया गया था। यहीं नहीं, उन्हें धमकी भी दी गई थी। उस समय डर के मारे नए छात्रों ने शिकायत नहीं की, जिससे मामला दब गया।
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बुधवार रात नए लड़कों के हंगामा करने और शिकायत के बाद मामला ड सामने आ गया। मामले की जांच में प्रशासन को कई साक्ष्य भी मिले हैं। एमजीएम कॉलेज में जिस समय छात्रों की रैगिंग की गई थी, उस समय किसी एक छात्र के मोबाइल में उस दौरान की बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग मिली है, जिससे सीनियर छात्रों के आवाज की पहचान की जा रही है। लड़कों को सिर झुकाने को कहा गया था। इसलिए वे आरोपियों को ठीक से पहचान नहीं सके थे।
शनिवार रात भी छात्रों ने किया हंगामाः
इधर, शनिवार की रात भी महिला और पुरुष छात्रावास में आने जाने को लेकर हंगामा हुआ। सीनियर विद्यार्थियों ने एक-दूसरे के छात्रावास में आने-जाने को लेकर कॉलेज के कर्मचारियों को सूचना दी। जबकि ज महिला और पुरुष छात्रावास में एक स दूसरे के जाने पर पाबंदी है। इस सूचना प के बाद एमजीएम थाना प्रभारी कॉलेज प पहुंचे और जांच के बाद निर्देश देकर ह चले गए। इसके बाद सीनियर नि विद्यार्थियों ने सुरक्षा गार्ड को घेर लिया था। हालांकि थोड़ी देर बाद मामला शांत हो गया। एमजीएम मेडिकल वि कॉलेज में पहले भी छात्र कई बार 이 हंगामा और रैगिंग कर चुके हैं। इसके कि बाद कार्रवाई की बात पर उनलोगों ने अ तोड़फोड़ भी की थी। बाद में एफआईआर और अन्य कार्रवाई की बात प्रशासन ने की तो वे ठंडे पड़ गए। बताया जा रहा है कि एक बार फिर कार्रवाई को लेकर सीनियर छात्र हंगामा करने लगे हैं।
एसडीएम बोले-एनएमसी को भेजी जायेगी रिपोर्ट
एसडीएम अर्णव मिश्रा ने बताया कि नए छात्रों को धमकाया गया था, जिससे वे काफी डरे हुए थे। उन्होंने बताया कि एनएमसी को दो तरह की रिपोर्ट भेजनी होती है, जिसमें एक प्राथमिक रिपोर्ट होती है। वहीं, दूसरी रिपोर्ट पूरी जांच के बाद भेजी जाएगी। इधर, इस बात की भी चर्चा थी कि कॉलेज प्रशासन अपनी व्यवस्था को सुधारने के बजाय उस समय छात्रावास में रात में ड्यूटी पर रहने दोनों गार्ड को हटा की तैयारी कर रहे था, लेकिन डीएसपी ने बैठक में कहा कि ये दोनों गार्ड ड्यूटी पर थे और सूचना भी दी तो इन्हें क्यों हटाया जाए।











