सोशल संवाद / झारखण्ड : पश्चिमी सिंहभूम जिले में नशा मुक्त झारखंड अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला समाज कल्याण शाखा के तत्वावधान में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला समाहरणालय परिसर से शुरू हुए इस अभियान के तहत नशा मुक्ति शपथ ग्रहण, स्कूटी रैली, पैदल जागरूकता रैली, जागरूकता रथ संचालन और हस्ताक्षर अभियान जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार ने किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर उपायुक्त, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, प्रशिक्षु आईएएस, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने सभी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं और पदाधिकारियों को नशा मुक्त झारखंड के संकल्प को साकार करने की शपथ दिलाई।
नशा मुक्त समाज के लिए जनभागीदारी जरूरी
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में सामुदायिक भागीदारी और जन-जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़कर समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त बनाने में सहयोग करें।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद अधिकारियों ने गुब्बारे उड़ाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके साथ ही सेविकाओं की स्कूटी रैली, पैदल जागरूकता रैली और दो नशा मुक्त झारखंड जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
गांव-गांव तक पहुंचेगा नशा मुक्ति का संदेश
अभियान के तहत संचालित रैली और जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। लोगों को बताया जाएगा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है।
कार्यक्रम में बताया गया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
हस्ताक्षर अभियान में दिखाई प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अधिकारियों, सेविकाओं और अन्य प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर अभियान बोर्ड पर हस्ताक्षर कर नशा मुक्त झारखंड के संकल्प के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर करीब 150 सेविकाएं, महिला पर्यवेक्षिकाएं, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने इसे जिले में नशा मुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।









