सोशल संवाद / रांची : झारखंड की उन सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल कर उन्नयन करने का प्रस्ताव केंद्र के समक्ष रखा गया है, जिन पर प्रतिदिन 10 हजार से अधिक वाहनों का यातायात दबाव है। राज्य सरकार ने ऐसी सड़कों को सूचीबद्ध कर अधिसूचित करने का आग्रह किया है। रांची में रविवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के डीजी विनय कुमार रजवात और राष्ट्रीय उच्च पथ, पथ निर्माण विभाग झारखंड के मुख्य अभियंता जयकांत राम के बीच हुई ।
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बैठक में राज्य की सड़क परियोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में झारखंड की प्रमुख सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई गई। राज्य की ओर से कहा गया कि जिन सड़कों पर रोजाना 10 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन हो रहा है, उन्हें चिह्नित कर राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इससे इन सड़कों के उन्नयन और बेहतर रखरखाव का रास्ता साफ होगा।
निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी पर जोर
बैठक में राज्य में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। झारखंड की ओर से एनएचएआई स्तर पर होने वाले अलॉटमेंट की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया, ताकि निर्माणाधीन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। अधिकारियों ने परियोजनाओं में आ रही अड़चनों को दूर कर काम की गति बढ़ाने पर जोर दिया। रांची से खूंटी के बीच फोरलेन सड़क परियोजना को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। इस मार्ग से जुड़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना को भी गति देने पर विमर्श हुआ।










