सोशल संवाद / डेस्क : उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में 25 मई से 2 जून 2026 तक भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसका मुख्य कारण है “Nautapa ”, जो हर साल गर्मी के मौसम में पड़ने वाला एक विशेष खगोलीय काल माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें बेहद तीखी हो जाती हैं और तापमान तेजी से बढ़ने लगता है।
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क्या होता है Nautapa ?
नौतपा उन 9 दिनों की अवधि को कहा जाता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। मान्यता है कि इस समय सूर्य का प्रभाव सबसे अधिक रहता है, जिससे धरती पर गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। यही वजह है कि इन दिनों में लू चलने और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंचने की आशंका रहती है।
साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
Nautapa के दौरान क्यों बढ़ जाता है खतरा?
नौतपा के समय लगातार तेज गर्मी और लू के कारण शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इससे डिहाइड्रेशन, हीटस्ट्रोक, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित होते हैं।
दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
नौतपा में कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं
- हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें
- बाहर जाते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें
- नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ओआरएस का सेवन करें
- ज्यादा देर तक धूप में खड़े रहने से बचें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
नौतपा में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
हर साल आने वाला नौतपा गर्मी की तीव्रता को बढ़ा देता है, लेकिन थोड़ी सावधानी और सही तैयारी से इसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के प्रति सतर्क रहने और स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की जरूरत है।











