योजना बजट की राशि छह माह 22 दिन में 29.38% ही खर्च , झारखंड लक्ष्य से 21% पीछे, वित्त मंत्री चिंतित

By Riya Kumari

Published :

Follow
योजना बजट की राशि छह माह 22 दिन में 29.38% ही खर्च , झारखंड लक्ष्य से 21% पीछे, वित्त मंत्री चिंतित

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / रांची : झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के योजना बजट का 29.38 प्रतिशत ही खर्च हो पाया है। 22 अक्तूबर 2026 तक 1,06,200.94 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित योजना बजट के विरुद्ध महज 31,196.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। योजना मद में धीमी खर्च की रफ्तार पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चिंता जताई है। उन्होंने विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह को पत्र लिख कर संबंधित विभागों के सचिवों के साथ बैठक कर कम खर्च के कारणों की समीक्षा करने और दिसंबर 2026 तक करीब 75 हजार करोड़ रुपये खर्च सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

यह भी पढ़े : ‘भारत बहुत मजबूत है, धुरंधर फिल्म देखिए’, ITBP चीफ के बयान पर अरुणाचल के मंत्री बालो राजा का जवाब

वित्त मंत्री के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष के छह महीने 22 दिन बीत चुके हैं। इस अवधि में योजना बजट की करीब 47 से 50 प्रतिशत राशि खर्च हो जानी चाहिए थी। वित्त विभाग के 10 जून 2015 के निर्देश के अनुसार भी एक अप्रैल से 30 सितंबर तक बजट की 50 प्रतिशत राशि खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके बावजूद निर्धारित लक्ष्य से करीब 21 प्रतिशत कम खर्च हुआ है।

मुख्य कारण : निविदा प्रक्रिया में देरी होना

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने यह भी कहा है कि पथ निर्माण समेत निर्माण कार्यों से जुड़े अन्य विभागों में निविदा निष्पादन की प्रक्रिया में छह महीने से डेढ़ वर्ष तक लग जाते हैं। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और बजट खर्च में देरी होती है।

उपाय: 60 दिनों में निविदा निष्पादित करें

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने विभागों को हर हाल में 60 दिनों के भीतर निविदा निष्पादित करने का निर्देश देने की आवश्यकता जताई है। दिसंबर तक खर्च बढ़ाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लानी होगी।

वित्त मंत्री बोले-कम खर्च घोर चिंता का विषय

वित्त मंत्री के अनुसार, कम खर्च घोर चिंता का विषय है। वित्त मंत्री ने कहा है कि योजना बजट की पूरी राशि खर्च नहीं हो पाना राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय है। वर्ष 2025-26 में भी कुल योजना बजट की करीब 76 प्रतिशत राशि ही खर्च हो सकी थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है। ऐसे में विभागों को खर्च की गति बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version