सोशल संवाद/डेस्क: मानसून के मौसम में वायरल बुखार और डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। शुरुआत में दोनों के लक्षण काफी मिलते-जुलते होने के कारण लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सही पहचान और जांच से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

यह भी पढे : Climate Change Impact on Sleep: बढ़ते तापमान से घट रही लोगों की नींद, स्टडी में बड़ा खुलासा
साधारण वायरल बुखार के सामान्य लक्षण
सामान्य वायरल बुखार में आमतौर पर हल्का या मध्यम बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द और शरीर में हल्का दर्द होता है। पर्याप्त आराम, तरल पदार्थ और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने पर यह 3 से 5 दिनों में ठीक हो जाता है।
डेंगू के लक्षण कैसे होते हैं अलग?
डेंगू में अक्सर तेज बुखार (102°F या उससे अधिक), आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, कमजोरी, मतली, उल्टी और कुछ दिनों बाद त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई दे सकते हैं। कई मरीजों में प्लेटलेट्स भी कम होने लगते हैं, इसलिए समय पर जांच कराना बेहद जरूरी होता है।
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
यदि बुखार के साथ इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें :
- लगातार 2–3 दिन तक तेज बुखार
- आंखों के पीछे तेज दर्द
- शरीर और जोड़ों में असहनीय दर्द
- बार-बार उल्टी होना
- नाक या मसूड़ों से खून आना
- अत्यधिक कमजोरी या चक्कर आना
- पेट में तेज दर्द या बेचैनी
ऐसे मामलों में डेंगू की जांच कराना आवश्यक हो सकता है।
मानसून में कैसे करें बचाव?
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले उत्पादों का उपयोग करें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
- ताजा और स्वच्छ भोजन का सेवन करें।
- बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें और जरूरत पड़ने पर जांच कराएं।
समय पर जांच है सबसे जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल लक्षणों के आधार पर यह तय करना हमेशा संभव नहीं होता कि बुखार वायरल है या डेंगू। यदि बुखार दो दिन से अधिक बना रहे या लक्षण गंभीर हों, तो डॉक्टर की सलाह लेकर आवश्यक रक्त जांच (जैसे NS1 या अन्य परीक्षण) कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।









