सोशल संवाद / हटगम्हरिया: जंगली भालू के हमले में आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के हटगम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष सुनील लागुरी के पिता प्रधान लागुरी की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही बालन्डीया गांव में मातम पसर गया। परिजनों और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 की सुबह प्रधान लागुरी साइकिल से गांव से कुछ दूर स्थित बचोम लोंगोर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान साइकिल की चेन उतर गई। चेन चढ़ाने के दौरान अचानक एक जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू ने उनके पेट और कमर में काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया और इसके बाद जंगल की ओर चला गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद प्रधान लागुरी ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह साइकिल चलाकर सामने स्थित एक घर तक पहुंचे। वहां पहुंचते ही वे जमीन पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें कुमारडुंगी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर किया गया। इलाज के दौरान शनिवार शाम करीब 5 बजे उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा सदर अस्पताल पहुंचे और मृतक के पुत्र सुनील लागुरी तथा परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। साथ ही वन विभाग से मिलने वाले मुआवजे को लेकर डीएफओ एवं अंचल अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक जानकारी ली और कागजी प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग का आश्वासन दिया।
वहीं, पार्टी के जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। रविवार सुबह वे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पोस्टमार्टम से पहले पुलिस द्वारा पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
इसी दौरान हटगम्हरिया रेंज के वन विभाग के पदाधिकारियों ने मानसिंह तिरिया की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को तत्काल 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। बताया गया कि आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक के आश्रित परिवार को कुल 10 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी।
मानसिंह तिरिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमले से लगातार जान-माल का नुकसान चिंता का विषय है। उन्होंने वन विभाग से ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया जल्द पूरी होनी चाहिए।
घटना के दौरान सिदिऊ लागुरी, माटा लागुरी, चुम्बूरू पिंगुवा, लखन पिंगुवा, वन विभाग के पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
प्रधान लागुरी की मौत से पूरे बालन्डीया गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में जंगली जानवरों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।











