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पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी ने राजघाट-शांतिवन क्षेत्र में बाढ़ के पानी की निकासी के लिए चल रहे कार्यों का किया निरीक्षण

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सोशल संवाद/दिल्ली (रिपोर्ट – सिद्धार्थ ) :  पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी ने कहा कि, राजघाट व यहाँ मौजूद अन्य सभी स्मारकों में बाढ़ के बाद जलजमाव की समस्या उभरी है। उन्होंने कहा कि लगभग 250 एकड़ का ये पूरा परिसर एक कटोरनुमा आकार का है और यहाँ बाढ़ के बाद पानी रुक चुका है। उन्होंने कहा कि राजघाट एक राष्ट्रीय महत्व का स्मारक है और देश दुनिया से लोग यहाँ आते है। ऐसे में इस पूरे परिसर से बाढ़ के रुके हुए पानी को निकालने के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और एमसीडी की सभी एजेंसियाँ साथ मिलकर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पूरे परिसर से जल्द से जल्द पानी निकाला जा सके इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने यहाँ बड़ी संख्या में अपने पम्प तैनात किए है। और दिन-रात लगातार जल-निकासी का काम जारी है। पूरे परिसर में अभी भी काफ़ी पानी रुका हुआ है लेकिन जल्द ही ये समस्या दूर हो जाएगी।

निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री ने पाया कि आईटीओ फ़्लाइओवर के निकट बाढ़ के कारण हुए जलजमाव लगभग ख़त्म हो चुका है और सड़क को ट्रैफिक के किए शुरू कर दिया गया है। साथ ही बाढ़ के कारण आये कीचड़ को भी सड़क से हटाने का काम भी तेज़ी से जारी है। एमसीडी व पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रेशर पाइपों के ज़रिए सड़कों की सफ़ाई की जा रही है ताकि आवाजाही करने वालों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी ने राजघाट से शांतिवन के बीच रोड स्ट्रेच का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पाया कि यहाँ ट्रैफिक चल रहा है लेकिन अभी भी रोड के कुछ हिस्सों में पानी रुका हुआ है। इसपर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस स्ट्रेच पर मौजूद पम्पों के अलावा अतिरिक्त पंप तैनात किए जाए और जल्द से जल्द पूरे रोड स्ट्रेच से पानी को हटाने और सड़क की सफ़ाई का काम पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि रिंग-रोड का ये हिस्सा मध्य दिल्ली की महत्वपूर्ण सड़क है और यहाँ से प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते है। ऐसे में यहाँ से आवाजाही करने वालों को समस्या न हो इस दिशा में पीडब्ल्यूडी हर ज़रूरी काम कर रही है।

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