सोशल संवाद / रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की कैंटीन एक बार फिर चर्चा में है। कैंटीन में परोसे गए भोजन को खाने के बाद कई मरीजों और उनके परिजनों की तबीयत खराब होने की खबर सामने आई है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।

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भोजन के बाद मरीजों में दिखे फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण
मिली जानकारी के अनुसार, मरीजों को नियमित आहार के तहत भोजन और अंडा परोसा गया था। खाना खाने के कुछ समय बाद कई लोगों को उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी शिकायतें होने लगीं। इसके बाद प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
कैंटीन की गुणवत्ता पर फिर खड़े हुए सवाल
घटना के बाद अस्पताल परिसर में संचालित कैंटीन की खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और परिजनों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
जांच में जुटा अस्पताल प्रशासन
मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। भोजन के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और प्रभावित मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी उठ चुके हैं खाद्य सुरक्षा के मुद्दे
RIMS में कैंटीन की खाद्य गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। अस्पताल परिसर में स्वच्छ भोजन और सुरक्षित खानपान सुनिश्चित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। हाल की घटना ने एक बार फिर मरीजों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान में भोजन खाने के बाद मरीजों के बीमार पड़ने की घटना गंभीर चिंता का विषय है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मरीजों की तबीयत खराब होने के पीछे भोजन की गुणवत्ता जिम्मेदार थी या कोई अन्य कारण।










