सोशल संवाद / डेस्क : जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दाखिले में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले चार छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय परिसर में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है।
जानकारी के मुताबिक, छात्रों ने दाखिले की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि प्रवेश प्रक्रिया में कुछ विद्यार्थियों के साथ कथित तौर पर भेदभाव हुआ और नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दाखिले से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। छात्रों का कहना था कि प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शन में शामिल चार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। प्रशासन की ओर से कार्रवाई को विश्वविद्यालय के नियमों और अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं, छात्रों और उनके समर्थकों ने निलंबन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दाखिले में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर कार्रवाई करने के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन को लगाए गए आरोपों की जांच करनी चाहिए।
मामले को लेकर अब छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद बढ़ने की संभावना है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क सामने रखे जा रहे हैं। दाखिले की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन, अनुशासनात्मक कार्रवाई और प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है









