सोशल संवाद / डेस्क : जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार, मोटरयान निरीक्षक नेल्सन तिर्की एवं कृष्णा सोरेन के संयुक्त नेतृत्व में जिले के दो पेट्रोल पंपों पर सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नियम को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यह भी पढे : गरीबों के पानी पर राजनीति बंद करे मानगो की मेयर : निशुल्क जल सेवा रोकना अमानवीय और जनविरोधी कृत्य

दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में बढ़ता जोखिम
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ है कि जिले में सबसे अधिक दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी होती हैं। इनमें मृत्यु और गंभीर चोटों के मामले भी अधिक पाए जाते हैं। इसी कारण दोपहिया वाहन चालकों और सवारों की सुरक्षा को लेकर हेलमेट को अनिवार्य बताया गया है।
चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट जरूरी
अभियान के दौरान स्पष्ट किया गया कि मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाने वाले व्यक्ति के साथ-साथ पीछे बैठने वाली सवारी (Pillion Rider) के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है। केवल ISI मार्क वाले प्रमाणित हेलमेट ही मान्य होंगे। बिना लॉक या ढीला हेलमेट पहनने से दुर्घटना के समय गंभीर चोट का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि ऐसे हेलमेट आसानी से सिर से उतर सकते हैं।

“सुरक्षा से कोई समझौता नहीं” : प्रशासन की अपील
जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन सुरक्षा का महत्वपूर्ण उपकरण है। उन्होंने कहा कि
“सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हेलमेट आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए है, इसलिए घर से निकलते समय इसे अवश्य पहनें।”
पेट्रोल पंपों पर सख्त निर्देश
अभियान के दौरान सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने पंप पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नियम को अनिवार्य रूप से लागू करें। साथ ही यह भी कहा गया कि सड़क सुरक्षा के मद्देनजर सभी पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरों से दोनों ओर की सड़क को कवर करना आवश्यक है, ताकि निगरानी व्यवस्था मजबूत हो सके।
जनसहयोग से ही सफल होगा अभियान
प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए आम जनता और पेट्रोल पंप संचालकों का सहयोग बेहद जरूरी है। सभी से अपील की गई कि वे इस जनहित अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और अधिक से अधिक जीवन सुरक्षित किए जा सकें।
“नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लोगों को जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करता है।










