सोशल संवाद/डेस्क : केंदुआडीह में धनबाद-बोकारो सड़क धंसने के दूसरे दिन वहां बड़े पैमाने पर गैस रिसाव शुरू हो जाने से हड़कंप मच गया है। गैस रिसाव की सूचना पर पहुंचे धनबाद डीसी आदित्य रंजन एवं बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि विस्थापन ही अब अंतिम विकल्प है। अधिकारियों ने साइंटिफिक एजेंसियों की स्टडी के हवाले से बताया कि यह इलाका डेंजर जोन है। भूमिगत आग, भू-धंसान और गैस रिसाव पर नियंत्रण संभव नहीं लग रहा है। इसलिए बेलगड़िया शिफ्टिंग ही विकल्प है। एसएसपी प्रभात कुमार भी मौके पर मौजूद थे।
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डीसी ने कहा कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव बंद नहीं होगा। समय के साथ-साथ इसका दायरा बढ़ेगा। आईआईटी आईएसएम, खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस), सिंफर सहित अन्य तकनीकी संस्थानों ने इस स्थान का निरीक्षण कर निष्कर्ष निकला है कि पूरा क्षेत्र डेंजर जोन है। भविष्य में इससे भी अधिक भयावह स्थित हो सकती है। इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रभावित क्षेत्र से परिवारों का शिफ्ट होना ही एकमात्र विकल्प है।
प्रभावितों को दिए जाएंगे दो फ्लैट
झरिया मास्टर प्लान 2.0 में सरकार के स्पष्ट निर्देशानुसार प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में दो फ्लैट दिए जा रहे हैं। उनके रोजगार के लिए कौशल विकास केंद्र भी बनाया गया है। बिजली, पानी, सोलर स्ट्रीट लाइट, आवागमन के लिए बस का परिचालन, ई-रिक्शा, विद्यालय, हेल्थ सेंटर, रानी रोड का चौड़ीकरण, गुणवत्तापूर्ण कंस्ट्रक्शन सहित सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। आनेवाले दिनों में यहां के निवासियों को किसी भी निजी सोसाइटी से अधिक सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के कारण डेंजर जोन में रहने वाले भोले-भाले परिवारों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं।









