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  • रांची में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रक ने ली दो चचेरे भाइयों की जान

    रांची में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रक ने ली दो चचेरे भाइयों की जान

    सोशल संवाद/डेस्क : रांची जिले से रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में दोनों चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

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    हादसा कैसे हुआ

    मिली जानकारी के अनुसार, अनगड़ा थाना क्षेत्र के चमघाटी के पास नवाडीह निवासी प्रभात महतो और अनिल महतो बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    ब्रेक फेल बना हादसे की वजह

    स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, ट्रक काफी तेज गति में था और उसका ब्रेक फेल हो गया था। चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद यह भीषण दुर्घटना हुई। हादसे के बाद ट्रक सड़क से नीचे जा गिरा और उसका एक पहिया अलग होकर दूर जा पहुंचा।

    पुलिस ने संभाला मोर्चा

    घटना की सूचना मिलते ही अनगड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    डीएसपी सिल्ली अनुज ने बताया कि दुर्घटना अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    गांव में मातम का माहौल

    हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। हर तरफ गमगीन माहौल है और लोगों की आंखें नम हैं।

  • राजधानी के चर्चित रेस्तरां में देर रात पुलिस ने मारा छापा

    राजधानी के चर्चित रेस्तरां में देर रात पुलिस ने मारा छापा

    सोशल संवाद/राँची: राजधानी रांची के रातू रोड स्थित Mall of Ranchi में मौजूद चर्चित रेस्टोरेंट Lord of the Drinks (LOD) में देर रात पुलिस ने छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया।

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    जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर की गई। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि रेस्टोरेंट में नियमों का उल्लंघन करते हुए शराब के साथ-साथ ड्रग्स की भी बिक्री की जा रही है। साथ ही युवक-युवतियों द्वारा बड़े पैमाने पर ड्रग्स सेवन की भी सूचना थी।

    इसके अलावा, झारखंड हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए तेज आवाज में डीजे बजाए जाने की भी शिकायत मिली थी। सूचना के आधार पर एसएसपी ने सिटी एसपी पारस राणा को कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय और सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा के नेतृत्व में कोतवाली और सुखदेवनगर थाना की संयुक्त टीम ने छापेमारी की फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जारी है।

  • युवाओं के लिए अच्छी खबर:अप्रैल में राज्य सिविल सेवा सहित 808 पदों के लिए पांच नियुक्ति परीक्षा लेगा जेपीएससी-जेएसएससी

    युवाओं के लिए अच्छी खबर:अप्रैल में राज्य सिविल सेवा सहित 808 पदों के लिए पांच नियुक्ति परीक्षा लेगा जेपीएससी-जेएसएससी

    सोशल संवाद/रांची : झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। अप्रैल में कुल 808 पदों के लिए पांच नियुक्ति परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने इन परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। इनमें प्रशासनिक सेवा से लेकर सिपाही तक के पद शामिल हैं। इन परीक्षाओं में तीन लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें सबसे ज्यादा 583 पद उत्पाद सिपाही के हैं, जिसमें 1.48 लाख से अधिक अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में बैठेंगे। यह परीक्षा जेएसएससी लेगा।

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    जानिए कौन सी परीक्षा कब होगी

    1. राज्य सिविल सेवा परीक्षा
      परीक्षा तिथि: 12 अप्रैल
      पद संख्या: 103पहली सिविल सेवा के बाद अब तक का सबसे कम पद
    2. असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट
      तिथि: 4 से 12 अप्रैल तक
      पद संख्या: 78
      परीक्षा का नाम: मुख्य परीक्षा
      पीटी पास: 1110 अभ्यर्थी
    3. झारखंड उत्पाद सिपाही
      परीक्षा तिथि: 12 अप्रैल
      पद संख्या: 583
      परीक्षा: लिखित
      अभ्यर्थियों की कुल संख्या: 1.48 लाख
    4. प्रोजेक्ट मैनेजर
      परीक्षा तिथि:18-19 अप्रैल
      पद संख्या: 30
      परीक्षा: लिखित
      तिथि: 18–19 अप्रैल
    5. फैक्ट्री इंस्पेक्टर
      परीक्षा तिथि: 25-26 अप्रैल
      पद संख्या: 14 {परीक्षा:लिखित
  • नगर निगम सख्त: 31 मार्च तक किराया जमा करें, वरना लाइसेंस रद्द और दुकान खाली कराने की कार्रवाई

    नगर निगम सख्त: 31 मार्च तक किराया जमा करें, वरना लाइसेंस रद्द और दुकान खाली कराने की कार्रवाई

    सोशल संवाद/डेस्क: नगर निगम ने अपनी स्वामित्व वाली दुकानों के बकाया किराए को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। प्रशासन ने सभी दुकानदारों को 31 मार्च तक भुगतान करने की अंतिम समय सीमा दी है और इसके साथ ही बड़े बकायादारों की सूची भी सार्वजनिक कर दी है। सूची में कई ऐसे नाम सामने आए हैं, जिन पर लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का बकाया है।

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    निगम प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि तय समय सीमा तक किराया जमा नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें दुकानों का लाइसेंस रद्द करने और दुकान खाली कराने जैसे कड़े कदम भी शामिल हैं।

    जारी आंकड़ों के अनुसार, अपर बाजार क्षेत्र में सबसे अधिक बकाया अंजय सरावगी पर करीब 26.37 लाख रुपये है, जबकि राम सेवक साहू पर 23 लाख रुपये से अधिक का बकाया दर्ज किया गया है। इसके अलावा शेखर शर्मा और किशन शर्मा, राधेश्याम अशोक कुमार और राम गोपाल पोद्दार जैसे कई अन्य व्यापारियों पर भी लाखों रुपये बकाया हैं।

    मार्केट रोड वेस्ट, मछली पट्टी और लोहा पट्टी जैसे इलाकों में भी कई बड़े बकायादार सामने आए हैं। निगम के मुताबिक कुल बकाया राशि 6.51 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी है, जिसकी वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

    साथ ही नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 29 मार्च, रविवार को भी जन सुविधा केंद्र खुला रखा जाएगा, जहां होल्डिंग टैक्स, जलकर, ट्रेड लाइसेंस और दुकान किराया जमा किया जा सकेगा। निगम ने दुकानदारों से अपील की है कि वे समय रहते भुगतान कर दें, ताकि किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके और शहर के विकास कार्यों में सहयोग मिल सके।

  • रांची में क्रिकेट का डबल धमाका: वेस्टइंडीज T20 और ऑस्ट्रेलिया टेस्ट की मेजबानी

    रांची में क्रिकेट का डबल धमाका: वेस्टइंडीज T20 और ऑस्ट्रेलिया टेस्ट की मेजबानी

    सोशल संवाद/डेस्क: धौनी के शहर रांची में फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का जोश दिखेगा। चौकों-छक्कों की बारिश होगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) को दो अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी दी है। पहला मैच इसी साल नौ अक्टूबर को होगा। इस टी20 मुकाबले में भारत का वेस्ट इंडीज से मुकाबला होगा। वहीं दूसरा मैच 19 फरवरी 2027 को होगा। इस टेस्ट मैच में टीम इंडिया का ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला होगा।

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    रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में पहली बार वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला जाएगा। इससे पहले इस श्रृंखला का पहला टी-20 मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में होगा। रांची को इस श्रृंखला का दूसरा टी20 मुकाबला मिला है। रांची को मैच मिलने के बाद यहां के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है। लेकिन पिछले मैच में टिकट की अव्यवस्था को लेकर उनमें रोष भी है।

    पिछले साल 30 नवंबर को जब भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच खेला गया था, उस समय टिकट खरीदने में भारी परेशानी हुई थी। कुछ टिकटों की बिक्री के बाद ही ऑनलाइन टिकट खत्म हो गए था। हालांकि इन मैचों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को जरूर फायदा होगा। होटल, रेस्टोरेंट, कैब सर्विस व छोटे कारोबारियों की आय बढ़ेगी। इसके लिए जरूरी है कि शहर की तैयारियां व्यवस्थित हों, ताकि दर्शक और मेहमान बेहतर अनुभव लेकर लौट सकें।

    रांची में तीन साल के बाद हो रही टेस्ट क्रिकेट की वापसी

    रांची में तीन साल बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी हो रही है। इससे पहले जेएससीए स्टेडियम में 23 से 26 फरवरी 2024 को भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच खेला गया था। यह पांच मैचों की सीरीज का चौथा टेस्ट था। इसमें भारत ने इंग्लैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज जीती थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में भारत रांची में 10 साल बाद उतरेगा। इससे पहले 2017 में जेएससीए स्टेडियम में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच खेला गया था। यह मैच ड्रॉ रहा था। अब फरवरी 2017 में फिर यहां दोनों टीमें आमने-सामने होंगी।

    30 नवंबर 2025 को जेएससीए स्टेडियम में हुआ था आखिरी मैच

    जेएससीए स्टेडियम में अब तक करीब एक दर्जन अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर मैचों में भारत की जीत हुई है। यहां आखिरी मैच 30 नवंबर 2025 को भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे खेला गया था। इसमें भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 17 रनों से हराया था।

  • हेमंत सोरेन के बयान पर सियासी घमासान, भाजपा ने लगाया धार्मिक अपमान का गंभीर आरोप

    हेमंत सोरेन के बयान पर सियासी घमासान, भाजपा ने लगाया धार्मिक अपमान का गंभीर आरोप

    सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गर्म हो गया है। विधानसभा में दिए गए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान पर अब भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील मामला बताया है।

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    आदित्य साहू ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सदन में हिंदू देवी-देवताओं और पर्व-त्योहारों को लेकर की गई टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है। उनके मुताबिक, भारत एक ऐसी भूमि है जहां सदियों से सनातन परंपराएं, पूजा-पद्धतियां और धार्मिक मान्यताएं समाज की नींव रही हैं। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि जनता की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला भी है।

    भाजपा नेता ने यह भी कहा कि इतिहास गवाह रहा है कि अनेक बार सनातन संस्कृति पर हमले हुए, लेकिन इसकी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि इसे समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद से ही कुछ राजनीतिक दलों ने तुष्टिकरण की राजनीति के तहत धार्मिक मुद्दों को निशाना बनाया है और अब वही प्रवृत्ति झारखंड में भी देखने को मिल रही है।

    आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी कुछ राजनीतिक बयानों में धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं को लेकर विवाद खड़े किए गए हैं और अब उसी तरह की भाषा झारखंड में भी इस्तेमाल हो रही है।

    इस पूरे मामले में भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी अन्य धर्म या समुदाय के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी की जा सकती है। साहू ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो अन्य धर्मों की मान्यताओं पर भी इसी तरह टिप्पणी करके दिखाएं। उनका कहना है कि सरकार का यह रवैया एकतरफा और पक्षपातपूर्ण नजर आता है।

    इधर, भाजपा के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई वरिष्ठ नेता विधानसभा में इस विषय को प्रमुखता से उठाते नजर आए। उनका कहना है कि सत्ता में बैठे लोगों को अपने शब्दों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए और किसी भी धर्म या आस्था का मजाक उड़ाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

    हालांकि, दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल और उसके समर्थकों ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह मुद्दा अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है और राज्य सरकार लगातार विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उनके अनुसार, विपक्ष इस तरह के विवाद उठाकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

    फिलहाल, यह विवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मुद्दा और कितना तूल पकड़ता है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

  • RIMS में जल्द शुरू होगा ‘VIP Clinic’: एक ही जगह पर जांच और विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे इलाज

    RIMS में जल्द शुरू होगा ‘VIP Clinic’: एक ही जगह पर जांच और विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे इलाज

    सोशल संवाद/राँची : झारखंड राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल RIMS में मरीजों को बेहतर और तुरंत इलाज की सुविधा देने के लिए जल्द ‘वीआईपी क्लीनिक’ शुरू की जाएगी। यह देश के प्रमुख संस्थानों एम्स, सीएमसी और सीजीपीजीआई की तर्ज पर संचालित होगा।

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    यहां सामान्य ओपीडी से अलग मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श और जांच की सुविधा मिलेगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में बढ़ते दबाव को संतुलित करना व मरीजों को विकल्प देना है। शुरुआत में फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ की सेवाएं यहां उपलब्ध रहेंगी। रोजाना 10 से 15 मरीजों को ही देखा जाएगा। रिस्पॉन्स के आधार पर आगे मरीजों की संख्या व सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

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    एक ही जगह पर एक्स-रे, ईसीजी और अन्य जांच इस क्लीनिक की खास बात यह होगी कि मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। परिसर में ही एक्स-रे, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड और ब्लड जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। डॉक्टर की सलाह के बाद तुरंत जांच और जल्दी रिपोर्ट मिलने से इलाज में तेजी आएगी और मरीजों का समय बचेगा।

    पेइंग वार्ड के ग्राउंड फ्लोर में होगा क्लीनिक वीआईपी क्लीनिक का संचालन रिम्स के पेइंग वार्ड के ग्राउंड फ्लोर में किया जाएगा। इसके लिए उस जगह का चयन किया गया है, जहां पहले कैंटीन चलती थी। क्लीनिक के लिए आवश्यक मेडिकल उपकरण कोल इंडिया के सीएसआर फंड से उपलब्ध कराए जाएंगे। मशीनों के आने और इंस्टॉलेशन के बाद सेवा शुरू कर दी जाएगी।

    नाम वीआईपी, लेकिन सुविधा सभी श्रेणी के मरीजों के लिए नाम भले ही वीआईपी क्लीनिक हो, लेकिन यह केवल वीआईपी मरीजों के लिए नहीं होगा। कोई भी सामान्य मरीज निर्धारित शुल्क देकर यहां इलाज करा सकेगा। रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने कहा कि अस्पताल में अक्सर वीआईपी मरीजों का दबाव रहता है, जिससे सामान्य मरीज प्रभावित होते हैं। नई व्यवस्था से दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सकेगा और सभी को बेहतर सुविधा मिलेगी।

  • मुख्यमंत्री सोरेन से मिली बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण समिति

    मुख्यमंत्री सोरेन से मिली बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण समिति

    सोशल संवाद/रांची : झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से बिहार विधान परिषद की ‘बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण समिति’ के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में दोनों राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों और अनुभवों पर विस्तृत चर्चा की गई।

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    संसदीय समितियों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान मुलाकात के दौरान समिति की अध्यक्षा डॉ. कुमुद वर्मा ने मुख्यमंत्री को बिहार में बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और नवाचारों से अवगत कराया। समिति के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने झारखंड विधानसभा के परिभ्रमण के दौरान यहाँ की ‘महिला बाल विकास समिति’ की कार्यप्रणाली को करीब से देखा। दोनों राज्यों की समितियों ने एक-दूसरे के बेहतरीन कार्यों और अनुभवों को साझा किया, ताकि भविष्य में सामाजिक कल्याण की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    कल्पना सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान झारखंड विधानसभा की महिला बाल विकास समिति की सभापति और विधायक कल्पना सोरेन भी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने झारखंड में महिलाओं और बच्चों के उत्थान के लिए क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में बिहार से आए प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी।

    प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले बिहार के प्रतिनिधिमंडल में समिति की अध्यक्ष डॉ. कुमुद वर्मा के साथ सदस्य रीना यादव, मुन्नी देवी, निवेदिता सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

  • झारखंड के 7 मेडिकल कॉलेज पर 1-1 करोड़ का जुर्माना, लाइसेंस निलंबन की मिली चेतावनी

    झारखंड के 7 मेडिकल कॉलेज पर 1-1 करोड़ का जुर्माना, लाइसेंस निलंबन की मिली चेतावनी

    सोशल संवाद / राँची : राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने प्रशिक्षु चिकित्सकों को मासिक वृद्धि के भुगतान का ब्योरा नहीं देने पर झारखंड के दुमका मेडिकल कॉलेज समेत सात मेडिकल कॉलेजों पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एनएमसी ने चेतावनी दी है कि यदि आगे भी नियमों का उल्लंघन किया गया तो मेडिकल कालेजों का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।

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    आयोग ने 13 मार्च को जारी आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले साल 11 जुलाई को सभी मेडिकल कालेजों को निर्देश दिया गया था कि वे एमबीबीएस- पीजी मेडिकल के प्रशिक्षु छात्रों को दिए जा रहे मासिक स्टाइपेंड का ब्योरा अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराएं। एनएमसी इसकी निगरानी कर रहा है। एनएमसी ने कहा कि इस मामले में सात मेडिकल कालेजों को दोषी पाया गया है, उनकी तरफ से इसका कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया है।

    इन मेडिकल कॉलेज पर भी जुर्माना: आकाश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बेंगलुरु, गवर्नमेंट मेडिकल कालेज बाड़मेर, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ओंगोले, आंध्र प्रदेश, आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज भोपाल, प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ और पंडित बीडी शर्मा मेडिकल कॉलेज रोहतक शामिल हैं।

    नेशनल मेडिकल कमीशन भारत में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नियमन के लिए संसद के National Medical Commission Act, 2019 के तहत गठित एक शीर्ष संस्था है, जो 25 सितंबर 2020 से प्रभावी हुई। इसका उद्देश्य देश में गुणवत्तापूर्ण और सस्ती मेडिकल शिक्षा सुनिश्चित करना, पर्याप्त और कुशल डॉक्टर उपलब्ध कराना, चिकित्सा संस्थानों का पारदर्शी मूल्यांकन करना और मेडिकल पेशे में उच्च नैतिक मानकों को लागू करना है, ताकि सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

  • झारखंड में बच्चों को किताबों की तर्ज पर मिलेगा स्कूल बैग

    झारखंड में बच्चों को किताबों की तर्ज पर मिलेगा स्कूल बैग

    सोशल संवाद/राँची : झारखंड के सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र में छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग दिया जाएगा। पहली से आठवीं के 40 लाख छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग का वितरण किया जाएगा। 160 रुपये की दर से दिए जाने वाले स्कूल बैग बांटने के नियम में राज्य सरकार ने बदलाव किया है।

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    स्कूल बैग के लिए बिड के आधार पर कंपनी का चयन किया जाता था। इसके बाद जिलावार स्तर पर ऑर्डर दिया जाता था और एग्रीमेंट किया जाता था। इससे हर जिला में अलग-अलग समय में बैग का ऑर्डर जाता था और बच्चों को स्कूल बैग मिलने में देरी होती थी। राज्य सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है। अब राज्य स्तर से ही एक साथ सभी जिलों के बच्चों के स्कूल बैग का ऑर्डर जाएगा। इससे एक ही समय राज्यभर के बच्चों को स्कूल बैग मिल सकेगा।

    स्कूल बैग का ऑर्डर जिस कंपनी को मिलेगा, वह स्कूल बैग तैयार कर प्रखंडों तक पहुंचाएगी। प्रखंडों से वह स्कूल तक जाएगा। स्कूल बैग वितरण के बाद विभाग से जिलावार औचक निरीक्षण कर सैंपल की जांच की जाएगी। जिस सैंपल के आधार पर स्कूल बैग का ऑर्डर दिया गया था, उसी मेटेरियल में यह है या नहीं देखा जाएगा।

    जिलों से ली जाएगी बच्चों की संख्या: राज्य के सरकारी स्कूलों से बच्चों की संख्या ली जाएगी। पाठ्यपुस्तक की तर्ज पर बच्चों की संख्या के आधार पर स्कूल बैग का ऑर्डर दिया जाएगा। सरकार अप्रैल-मई तक स्कूली बच्चों को स्कूल बैग भी देने की तैयारी में है।