सोशल संवाद / डेस्क : मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। करीब एक महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद दोनों देशों के बीच फिर सैन्य कार्रवाई हुई है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के लारक द्वीप पर रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि इन लॉन्चरों के जरिए समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी की जा रही थी।
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अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की वायु रक्षा ने कई मिसाइलों को रोकने का दावा किया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात ने भी ईरान की ओर से आए एक ड्रोन को अपने क्षेत्रीय जल के ऊपर इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
इस पूरे घटनाक्रम में होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे अहम है। यह दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां बढ़े तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका फिर बढ़ा दी है। वहीं, दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद हालात तेजी से बदल रहे हैं। विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई और अमेरिका की अगली रणनीति क्या होगी।









