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धालभूमगढ़ एयरपोर्ट मुद्दा विधानसभा में उठा, पूर्णिमा साहू ने सहयोग और जवाब मांगा

By Riya Kumari

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धालभूमगढ़ एयरपोर्ट मुद्दा विधानसभा में उठा, पूर्णिमा साहू ने सहयोग और जवाब मांगा

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सोशल संवाद / जमशेदपुर : धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण में हो रही देरी को लेकर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने झारखंड विधानसभा में गैर सरकारी संकल्प के तहत जोरदार तरीके से इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना में विशेष पहल और सक्रिय भूमिका निभाने की मांग की। सदन में उठाए गए सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा उठाए गए 19 बिंदुओं का जवाब राज्य सरकार की ओर से केंद्र को भेज दिया गया है।

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इस पर विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि सरकार द्वारा भेजे गए जवाब की प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किन बिंदुओं पर राज्य और केंद्र के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा है। पूर्णिमा साहू ने इस मुद्दे को राज्यहित और जनहित से जुड़ा बताते हुए कहा कि झारखंड सरकार को इस दिशा में विशेष पहल करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र के अधिकारियों को बुलाकर राज्य के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की जाए, जिससे निर्माण में आ रही सभी बाधाओं को शीघ्र दूर किया जा सके और कोल्हान क्षेत्र को उसका बहुप्रतीक्षित एयरपोर्ट मिल सके।

उन्होंने कहा कि धालभूमगढ़ में एयरपोर्ट का निर्माण कोल्हान समेत आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देगा। इससे तीन राज्यों के तीन बड़े औद्योगिक क्षेत्र के विकास की एक नई दिशा मिलेगी। झारखंड के जमशेदपुर एवं आदित्यपुर, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और खड़गपुर और ओडिशा के बालासोर जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र इस प्रस्तावित एयरपोर्ट से महज 60 से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। ऐसे में एयरपोर्ट बनने से निवेशकों का आकर्षण बढ़ेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

विधायक पूर्णिमा साहू ने यह भी कहा कि एयरपोर्ट निर्माण से जुड़े किसी भी कार्य में यदि उनकी आवश्यकता होगी, तो वे पूर्ण सहयोग के लिए तैयार हैं। वहीं, सरकार की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया कि इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे और केंद्र को भेजे गए जवाब की प्रति एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जवाब मिलने के बाद एयरपोर्ट निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा वे एक बार फिर सदन में प्रमुखता से उठाएंगी।

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