सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने एमसीडी के सफाई विभाग में तैनात एएसआई राजकुमार सोलंकी की आत्महत्या मामले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। ‘‘आप’’ एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि चार इंजन भाजपा सरकार में एमसीडी अधिकारियों पर वसूली का जबरदस्त दबाव है। अधिकारियों के उत्पीड़न के शिकार एएसआई की खुदकुशी मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
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वहीं, निगम पार्षद राजीव चौधरी ने कहा कि एएसआई की आत्महत्या ने भाजपा सरकार में एमसीडी में जड़े जमा चुका भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी है। एएसआई निलंबित चल रहे थे। आत्महत्या से पहले की उनकी एक ऑडियो वायरल हो रही है। इससे साफ पता चलता है कि उनकी बहाली के लिए उनसे 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी और इसी दबाव में आकर उनको आत्महत्या करने जैसा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने भाजपा शासित एमसीडी से मांग की कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को उनके ही पद पर सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
आम आदमी पार्टी के एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा की चार इंजन सरकार के तहत प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है और अधिकारियों पर अवैध वसूली के लिए दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे न केवल व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल भी टूट रहा है।
प्रवीण कुमार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि इस पुरे मामले की CBI जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते इस तरह के मामलों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका असर आम जनता पर भी पड़ेगा और भ्रष्टाचार की जड़ें और मजबूत होंगी।
पार्षद राजीव चौधरी ने कहा कि 29 अप्रैल को एमसीडी के सफाई विभाग के एक सहायक स्वच्छता निरीक्षक (एएसआई) ने जोन कार्यालय की छत से कूदकर खुदकुशी कर ली है। यह घटना बेहद दुखद है और पूरे परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। यह दुखद घटना भाजपा के शासन वाले निगम में उपर से नीचे तक व्याप्त भ्रष्टाचार को एक बार फिर उजागर करती है। उन्होंने कहा कि अभी दो महीने पहले ही इसी शाहदरा नॉर्थ जोन के उपायुक्त को भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़ा गया था। उसी जोन में दोबारा ऐसी घटना हुई है। इससे साफ है कि भाजपा के शासन में अधिकारियों ने नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। अधिकारियों के ऊपर भी दबाव है क्योंकि उन्हें भ्रष्टाचार से होने वाली उगाही का पैसा ऊपर से नीचे तक भाजपा के नेताओं को पहुंचाना होता है।
राजीव चौधरी ने कहा कि एएसआई राजकुमार सोलंकी का एक ऑडियो सामने आया है। इसमें वह साफ-साफ कह रहे है कि उन पर दो लाख रुपए देने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। ऊपर के अधिकारियों की तरफ से उन्हें साफ कह दिया गया था कि जब तक उनकी तरफ से दो लाख रुपए नहीं दिए जाएंगे, तब तक उनकी कोई बहाली नहीं होगी।
राजीव चौधरी ने कहा कि अब यह सीधा सवाल नगर निगम में चल रहे भाजपा के शासन पर है। भाजपा नेताओं ने बड़ी उम्मीदें जगाते हुए बड़े-बड़े दावे किए थे कि उनकी चार इंजन की सरकार आ जाएगी, तो निगम का शासन सुधरेगा। लेकिन आज उसके विपरीत एक के बाद एक इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे यह बिल्कुल साफ पता चल रहा है कि भाजपा ने निगम को सिर्फ उगाही का अड्डा बना दिया है। शासन, प्रशासन और निगम में साफ-सफाई पर किसी भी तरह से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
राजीव चौधरी ने आगे कहा कि इतना सब कुछ होने के बावजूद भी भाजपा के किसी बड़े नेता या पदाधिकारी का ऐसा कोई बयान नहीं आया है, जिससे यह लगे कि जिस व्यक्ति को मजबूरी में खुदकुशी करनी पड़ी है, उसके परिवार को कोई न्याय मिलता हुआ दिखाई दे रहा हो। मामले की लीपापोती करने के लिए एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है,
जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि नीचे के अधिकारियों के नाम डालकर ऊपर के अधिकारियों को बचाने की कोशिश की गई है। उस एफआईआर में न तो किसी बड़े अधिकारी का नाम है और न ही निगम मुख्यालय में बैठकर निगम को चलाने वाली उन बड़ी मछलियों पर शिकंजा कसने की कोई बात की गई है, जो इस भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती हैं और इसके माध्यम से पैसा उगाही करती हैं।
राजीव चौधरी ने कहा कि आम आदमी पार्टी मांग करती है कि मृतक के बेटे को उसी पद पर पक्की सरकारी नौकरी दी जाए, जिस पद पर वह तैनात थे। जो व्यक्ति चला गया है, उसकी कमी किसी भी हालत में पूरी नहीं की जा सकती है, लेकिन परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही, इस पूरे भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए आम आदमी पार्टी सीबीआई जांच की मांग करती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हम दिल्ली पुलिस से किसी भी तरह के न्याय की उम्मीद नहीं रखते हैं। उन्होंने अपनी एफआईआर में दिखा दिया है कि वे सिर्फ मामले की लीपापोती करने में लगे हुए हैं।
वहीं, “आप” पार्षद मोहिनी जीनवाल ने कहा कि राजकुमार सोलंकी मेरे वार्ड में ही सहायक स्वच्छता निरीक्षक थे। वे बहुत अच्छा काम करते थे। उन्होंने कभी हमें कोई दिक्कत महसूस नहीं होने दी और क्षेत्र में भी साफ-सफाई की जो जिम्मेदारी उनके ऊपर थी, उसे वे बहुत अच्छे से निभाते थे। किसी कारणवश अधिकारियों से उनकी कहासुनी हो गई और उसी कारण उन्हें निलंबित किया गया था। मैं उस समय के उपायुक्त अभिषेक मिश्रा के पास गई थी। मैंने उनसे कहा था कि गलती इंसान से ही होती है। अगर उनमें आपस में ही कोई बात हुई है तो अधिकारी माफी मंगवाकर उन्हें माफ कर दें और उन्हें निलंबित न करें, क्योंकि उनकी सिर्फ दो साल की नौकरी बची है।
मोहिनी जीनवाल ने आगे कहा कि एमसीडी में जब से भाजपा की सरकार बनी है, तब से भ्रष्टाचार चरम पर है। एमसीडी में छोटे अधिकारियों और कर्मचारियों का जीना दूभर हो गया है। अधिकारी उनकी छोटी-छोटी मांगों को भी पैसों से जोड़ते हैं, जो बिल्कुल नहीं करना चाहिए। हमारी मांग है कि राजकुमार सोलंकी के बेटे को उसी पद पर नौकरी दी जाए। उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की राशि दी जानी चाहिए और इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
उधर, शाहदरा नॉर्थ जोन से पार्षद रमेश बिसाइया ने कहा कि शाहदरा नॉर्थ जोन की कई कहानियां हैं। अभी जैसे वहां के उपायुक्त निलंबित हुए और उसके तुरंत अगले दिन ही भवन विभाग के तीन-चार जेई अधिकारी भी निलंबित हो गए। सबसे बड़ी बात यह है कि स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्य शर्मा भी शाहदरा नॉर्थ जोन से ही आती हैं, जहां यह भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजकुमार सोलंकी की तरह पता नहीं कितने कर्मचारी इन बड़े अधिकारियों का अत्याचार झेल रहे हैं। उस व्यक्ति को अपनी सच्चाई बताने के लिए अपनी जान देनी पड़ी, क्योंकि अधिकारियों ने खुलकर उसकी बात नहीं सुनी। चार इंजन की सरकार चलाने वाले भाजपा नेता पहले कहते थे कि वे न खाएंगे और न खाने देंगे, लेकिन अब इन्होंने सब कुछ बदल दिया है और अब ये हत्याएं कर रहे हैं।
रमेश बिसाइया ने कहा कि उसी दिन नए महापौर ने शपथ ग्रहण की और वे नए महापौर बने, लेकिन उन्होंने इस घटना पर कोई दुख व्यक्त नहीं किया। उन्होंने मृतक के परिवार से मिलने की कोशिश तक नहीं की और न ही ऐसा कोई आदेश दिया कि उन अधिकारियों पर उचित कार्रवाई हो, जिनके कारण उस व्यक्ति की जान गई है।
रमेश बिसाइया ने भी आम आदमी पार्टी की तरफ से मांग रखी कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए जो उस जोन में बैठे हैं और अन्य जोन में भी बैठे हैं, जो पैसे लेकर काम करते हैं। इसमें मरने वाला व्यक्ति निचले स्तर का छोटा अधिकारी और कर्मचारी होता है, जो बेचारा सुबह काम पर आता है और रात को उसकी जान चली जाती है। हम मृतक की आत्मा की शांति और उनके परिवार के लिए प्रार्थना करते हैं। हमारी मांग है कि उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाए और साथ ही उनके बेटे को उसी पद पर नौकरी दी जाए।









