सोशल संवाद / डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता Tiger Shroff की गाड़ी पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में हरियाणा के सोनीपत स्थित बरोदा गांव के दो दोस्तों का नाम सामने आया है। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के सोशल मीडिया पर हथियारों और बदमाशी से जुड़े स्टेटस लगाने के बाद कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संपर्क बढ़ा। परिवार और ग्रामीणों ने उनके व्यवहार में बदलाव की बात कही है। हालांकि, मामले में दोनों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच जारी है।
सोशल मीडिया स्टेटस से शुरू हुआ संपर्क?
रिपोर्ट के अनुसार, अंकित और उसका नाबालिग सहपाठी करीब एक साल पहले हथियारों और बदमाशी से जुड़े स्टेटस लगाने लगे थे। इसके बाद कथित तौर पर गैंग से जुड़े लोगों ने उनसे संपर्क बढ़ाया और उन्हें बड़े सपने दिखाए। ग्रामीणों और शिक्षकों ने परिवारों को युवकों की गतिविधियों के बारे में सतर्क भी किया था।
परिवारों के मुताबिक, दोनों की पढ़ाई में रुचि कम होने लगी थी। शिक्षकों ने अभिभावकों को स्कूल बुलाकर उनकी गतिविधियों और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले तीन-चार महीनों में दोनों का स्कूल आना-जाना भी कम हो गया था।
15 सितंबर को मेले के बाद घर नहीं लौटे
रिपोर्ट के अनुसार, 15 सितंबर को बरोदा गांव में मेला लगा था। दोनों दोस्त घर से मेला देखने निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। दोनों 12वीं कक्षा में साथ पढ़ते थे। इसके बाद मुंबई में टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग की जांच में उनके नाम सामने आए।
परिवार और शिक्षकों ने पहले भी किया था सतर्क
जागरण की रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों के पिता मजदूरी करके उनकी पढ़ाई का खर्च उठाते थे। परिवार को उम्मीद थी कि बच्चे पढ़-लिखकर अपना भविष्य बनाएंगे। लेकिन उनके व्यवहार में बदलाव और पढ़ाई से दूरी को लेकर चिंता बढ़ रही थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, नाबालिग सहपाठी पहले बाइक चोरी के एक मामले में भी पकड़ा गया था। पंजाब में हुई एक अन्य घटना के संबंध में वहां की पुलिस उसके घर पूछताछ के लिए पहुंची थी।
Tiger Shroff फायरिंग केस में कई गिरफ्तारियां
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता Tiger Shroff की गाड़ी पर फायरिंग हुई थी। इस मामले में पुलिस ने हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और अन्य स्थानों से कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां कथित तौर पर फायरिंग करने वालों, हथियारों की व्यवस्था करने वाले लोगों और उनके संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
फिलहाल जांच का मुख्य सवाल यह है कि आरोपियों का आपसी संपर्क कैसे बना और घटना में प्रत्येक की क्या भूमिका थी। किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के फैसले के बाद ही मानी जाएगी।
यह खबर मीडिया रिपोर्टों और परिवारों के कथित बयानों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।










