सोशल संवाद / डेस्क : बिहार के CM सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन सुचारू होने तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से नाव पर कोई शुल्क नहीं लें. विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापना कार्य में तेजी लाकर 30 नवंबर तक हर हाल में वाहनों का आवागमन विक्रमशिला सेतु पर शुरू कराएं.
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सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मती और पुनर्स्थापन कराएं. मुख्यमंत्री ने यह बातें रविवार को भागलपुर जिला के विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन और मरम्मती कार्य का निरीक्षण और समीक्षा में कहीं. समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी बातें रखीं. इसके बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुये कहा कि 30 जून तक हर हाल में विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज से वाहनों का आवागमन शुरू होगा. क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्स्थापन कार्य तेजी से हो रहा है. विक्रमशिला सेतु का निर्माण एजेंसी से फिर से अध्ययन कराया जायेगा ताकि सुपर स्ट्रक्चर विकसित किया जा सके.
दूर करें भागलपुर और मुंगेर गंगा पथ की समस्याएं
समीक्षा बैठक से पहले समाहरणालय परिसर में भागलपुर जिला में 203 करोड़ रुपये की लागत से 69 योजनाओं का उद्घाटन और 15 योजनाओं का शिलान्यास किया. इस बैठक का आयोजन भागलपुर समीक्षा भवन में किया गया.
बैठक में अधिकारियों मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित भागलपुर गंगा पथ और मुंगेर गंगा पथ से संबंधित जो भी समस्याएं हैं उनका त्वरित समाधान करें. यह डॉल्फिन का इलाका है, उसको ध्यान में रखते हुए निर्णय लें. उन्होंने कहा कि एलिवेटेड पथ बनने से इस इलाके में होनेवाली जलजमाव की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी.
श्रावणी मेला-2026 की तैयारी पूरी करने का निर्देश
बैठक में सीएम ने गुणवत्तापूर्ण तरीके से श्रावणी मेला-2026 की तैयारी पूरी करने का अधिकारियों को निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान भारत सहित विदेशों से भी बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं. उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती करें. श्रावणी मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की तैनाती करें. सुईया, कटोरिया, चानन सहित कांवरिया पथ पर बने धर्मशाला का चेन सिस्टम बनाकर उन्हें पर्यटन नीति से जोड़ें.
उन्होंने सभी धर्मशाला को पीपीपी मोड पर ऑर्गेनाइज करने और सालों भर फंक्शनल बनाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने सुल्तानगंज, तारापुर, बेलहर, सुईया, कटोरिया, चानन आदि प्रमुख जगहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने और जाम के समाधान का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कांवरिया पथ पर बिजली के जर्जर तार को मेला शुरू होने से पहले बदलें. कांवरिया श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रास्तों को दुरुस्त करायें. 15 जून तक सभी बंद पड़े चापाकलों को चालू कराएं.









