सोशल संवाद / नई दिल्ली: World Environment Day के अवसर पर आयोजित एक विशेष बैठक में कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश ने राजधानी दिल्ली की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर, जाम नालियां और बढ़ती गंदगी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं, जबकि संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए नाज़िया दानिश ने कहा कि दिल्ली के नागरिक लंबे समय से बेहतर सफाई व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में उल्लेखनीय सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल औपचारिक आयोजनों और भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के लिए ठोस कदम उठाने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस नेत्री ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में नियमित सफाई कार्य प्रभावित है और समय पर कूड़ा उठाव नहीं हो रहा है। इसके अलावा, मानसून से पहले नालों की सफाई को लेकर किए गए दावे भी कई स्थानों पर अधूरे नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और जलजमाव जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
नाज़िया दानिश ने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर जवाब मांगते हुए प्रत्येक वार्ड में सफाई कार्यों की नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल बैठकों और फाइलों के जरिए समस्याओं का समाधान संभव नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने दिल्ली सरकार और नगर निगम से राजधानी को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ठोस रणनीति अपनाने की अपील की। साथ ही कहा कि बेहतर सफाई व्यवस्था और स्वच्छ पर्यावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर उठाए गए इन सवालों ने राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।









