सोशल संवाद/डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता Sanjay Dutt इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेता हाल ही में शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ के गांधी जयंती स्पेशल एपिसोड में नजर आए। इस दौरान उन्होंने देश में शांति को लेकर अपनी बात रखी और कहा कि उन्हें अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। इसके बाद उन्होंने अपने चर्चित किरदार मुन्ना भाई के अंदाज में खुद को पांच मिनट के लिए प्रधानमंत्री मानकर एक काल्पनिक संदेश भी दिया।
‘अब भारत में पहले जैसी शांति फील नहीं कर पाता’
शो के दौरान संजय दत्त ने भारत के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि देश में शांति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें अब देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। साथ ही उन्होंने भारतीयों को बड़े दिल वाला और मेहमाननवाज बताया।
संजय दत्त ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि देश में शांति के पुराने दिन वापस आएं। उन्होंने शांति को प्यार और गांधीगिरी से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
पांच मिनट के लिए खुद को बनाया प्रधानमंत्री
इसके बाद शो में संजय दत्त से कहा गया कि वह पांच मिनट के लिए खुद को देश का प्रधानमंत्री मानकर जनता को संबोधित करें। अभिनेता ने अपने लोकप्रिय मुन्ना भाई अंदाज में काल्पनिक PM का किरदार निभाया।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री होते तो खुशी मनाने के लिए विदेश नहीं जाते, बल्कि देश में ही रहकर जनता के बीच समय बिताते। उनके इस बयान को मीडिया रिपोर्ट्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों को लेकर किए गए व्यंग्यात्मक इशारे के तौर पर देखा गया।
गांधी जी के तीन बंदरों का भी किया जिक्र
संजय दत्त ने अपने काल्पनिक PM भाषण में महात्मा गांधी के तीन बंदरों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आम तौर पर इनका संदेश बुरा न देखने, बुरा न सुनने और बुरा न बोलने से जोड़ा जाता है।
अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आज एक ‘चौथा बंदर’ भी होना चाहिए—अगर कोई गलत चीज देखे तो उसे ठीक कौन करेगा? उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सभी लोग आंख, कान और मुंह बंद करके बैठ जाएं तो देश कैसे चलेगा।
PM की तस्वीरों पर भी संजय दत्त ने कसा तंज
संजय दत्त ने काल्पनिक प्रधानमंत्री के तौर पर यह भी कहा कि जहां-जहां प्रधानमंत्री की तस्वीर लगी है, वहां उनकी तस्वीरों की संख्या कम की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को देश की तस्वीर दिखनी चाहिए और जहां तस्वीर लगाने की जरूरत हो, वहां महात्मा गांधी के विचारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
यह पूरा सेगमेंट संजय दत्त के मुन्ना भाई स्टाइल में राजनीतिक व्यंग्य के रूप में पेश किया गया था।
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर भी बोले
शो के दौरान संजय दत्त ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर भी अपने अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने दुनिया में तनाव और मिसाइलों की बात करते हुए प्यार और बातचीत को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर मिसाइल भेजने का मन करे तो पहले गुलदस्ता भेजना चाहिए और विवाद होने पर बातचीत के जरिए मामला सुलझाना चाहिए।
‘लगे रहो मुन्ना भाई’ से जुड़ा है गांधीगिरी वाला अंदाज
संजय दत्त का यह अंदाज उनकी 2006 में रिलीज हुई फिल्म ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ की याद दिलाता है। फिल्म में उनके मुन्ना भाई किरदार के जरिए गांधीगिरी और अहिंसा का संदेश दिखाया गया था। फिल्म का निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया था और अरशद वारसी भी इसमें अहम भूमिका में नजर आए थे।











