सोशल संवाद / डेस्क : सरायकेला-खरसावाँ जिले में सड़क सुरक्षा और दुर्घटना नियंत्रण को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। माननीय Jharkhand High Court और राज्य सरकार के निर्देश पर उपायुक्त Nitish Kumar Singh ने गुरुवार को राजनगर प्रखंड स्थित रूंगटा माइन्स प्राइवेट लिमिटेड के चालियामा स्टील प्लांट, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चालियामा का निरीक्षण किया।
सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और संस्थान प्रबंधन के साथ बैठक कर क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने चालियामा स्टील प्लांट और आसपास भारी वाहनों के संचालन, प्रतिदिन होने वाले आवागमन और बीते एक माह में हुई दुर्घटनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में सार्वजनिक सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग नहीं होनी चाहिए।
सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश
उपायुक्त ने संस्थान प्रबंधन को सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड वाहनों को हमेशा सक्रिय रखने को कहा गया।
उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट लाइट, चेतावनी संकेतक और दिशा-सूचक बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए। बड़े वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया गया।
NH-220 पर लगाए जाएंगे रंबल स्ट्रिप और चेतावनी बोर्ड
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से रूंगटा माइन्स प्राइवेट लिमिटेड को दो स्थानों पर यातायात चेक पोस्ट स्थापित करने का निर्देश दिया गया। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-220 के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, ज़ेबरा क्रॉसिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा सड़क किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों को हटाने को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
ड्रंक एंड ड्राइव जांच अभियान चलाने के निर्देश
उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी और यातायात निरीक्षक को नियमित रूप से ड्रंक एंड ड्राइव जांच अभियान चलाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क सुरक्षा कार्यों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर टीम गठित कर नियमित औचक निरीक्षण करने को कहा गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चालियामा का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चालियामा पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को हमेशा सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
साथ ही सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों के त्वरित उपचार और बेहतर रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला Abhinav Prakash, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र रविशंकर प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, यातायात निरीक्षक राजू, थाना प्रभारी विपुल ओझा समेत कई अधिकारी और संस्थान प्रतिनिधि मौजूद रहे।










