सोशल संवाद / डेस्क : ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट में आजकल पुराने स्मार्टफोन के साथ-साथ कई अन्य गैजेट भी धड़ल्ले से खरीदे और बेचे जा रहे हैं। ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर आपको सेकेंड हैंड स्मार्टवॉच, एयरपॉड्स, SSD और ड्रोन जैसी डिवाइस आसानी से मिल जाएंगी। कम कीमत होने के कारण ये डील आकर्षक लगती है, लेकिन क्या हर पुराना गैजेट खरीदना सही फैसला होता है? आइए जानते हैं किन गैजेट्स को सेकेंड हैंड खरीदने से बचना चाहिए।
यह भी पढे : Mobile Battery Safety: 3 बड़ी गलतियाँ जो फटने या विस्फोट का खतरा बढ़ा सकती हैं
सेकेंड हैंड स्मार्टवॉच खरीदना कितना सुरक्षित?
अगर आप नई स्मार्टवॉच लेने की सोच रहे हैं तो कोशिश करें कि बिल्कुल नई डिवाइस ही खरीदें। पुरानी स्मार्टवॉच में सबसे बड़ी समस्या बैटरी की होती है।
- स्मार्टवॉच में छोटी बैटरी लगी होती है, जो समय के साथ तेजी से डीग्रेड होती है।
- ज्यादा चार्जिंग साइकल के बाद बैटरी बैकअप काफी कम हो जाता है।
- बैटरी बदलवाने में अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ सकता है।
ऐसे में सेकेंड हैंड स्मार्टवॉच सस्ती जरूर लगेगी, लेकिन बाद में मेंटेनेंस कॉस्ट बढ़ सकती है।

इन-ईयर हेडफोन और एयरपॉड्स क्यों न खरीदें पुराने?
इन-ईयर हेडफोन, ईयरबड्स या एयरपॉड्स को इस्तेमाल किया हुआ खरीदना सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
- हाइजीन सबसे बड़ी चिंता है।
- सिलिकॉन ईयर टिप बदलने के बावजूद अंदरूनी हिस्से को पूरी तरह सैनिटाइज करना मुश्किल होता है।
- पुरानी डिवाइस में बैटरी लाइफ भी कम हो जाती है।
कम कीमत के चक्कर में आप खराब साउंड क्वालिटी और कम बैटरी बैकअप वाली डिवाइस खरीद सकते हैं।
पुरानी SSD खरीदना पड़ सकता है भारी
SSD (Solid State Drive) आज के समय में तेज और कॉम्पैक्ट स्टोरेज का बेहतरीन विकल्प है, लेकिन सेकेंड हैंड SSD खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।
- हर बार डेटा लिखने पर इसकी मेमोरी सेल्स धीरे-धीरे खराब होती हैं।
- SSD की एक तय लाइफ होती है, जिसे TBW (Total Bytes Written) में मापा जाता है।
- पुरानी SSD कितनी इस्तेमाल हुई है, इसका सही अनुमान लगाना मुश्किल होता है।
हालांकि नई SSD की कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन डेटा सुरक्षा के लिहाज से नई डिवाइस बेहतर विकल्प है।
सेकेंड हैंड ड्रोन खरीदने से पहले सोचें
ड्रोन एक महंगा गैजेट है और इसमें क्रैश होने की संभावना ज्यादा रहती है।
- बाहरी तौर पर देखने से पता नहीं चलता कि ड्रोन कितनी बार क्रैश हो चुका है।
- उड़ान के कुल घंटे जानना आसान नहीं होता।
- बैटरी की स्थिति भी स्पष्ट नहीं होती और नई बैटरियां काफी महंगी होती हैं।
ऐसे में पुराना ड्रोन खरीदकर जो पैसा बचाने की सोचते हैं, वह बाद में रिपेयर और बैटरी पर खर्च हो सकता है।

क्या सेकेंड हैंड गैजेट खरीदना सही है?
हर पुराना गैजेट खराब नहीं होता, लेकिन कुछ डिवाइस जैसे स्मार्टवॉच, इन-ईयर हेडफोन, SSD और ड्रोन सेकेंड हैंड लेने से पहले सावधानी जरूरी है।
अगर आप पुराना गैजेट खरीद रहे हैं तो:
- डिवाइस की कंडीशन अच्छी तरह जांचें
- बैटरी हेल्थ और वारंटी स्टेटस देखें
- भरोसेमंद विक्रेता से ही खरीदारी करें
सस्ती डील हमेशा फायदे का सौदा नहीं होती। समझदारी से फैसला लें ताकि बाद में पछताना न पड़े।










