Dr Abhishek Child Care

इंकैब के 1050 आवासों पर बढ़ा बिजली खर्च का बोझ, यूआइएसएल ने भेजा नोटिस

By Riya Kumari

Published :

Follow
इंकैब के 1050 आवासों पर बढ़ा बिजली खर्च का बोझ, यूआइएसएल ने भेजा नोटिस
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / जमशेदपुरः इंकैब कर्मचारियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अपने बकाये क्लेम की पूरी राशि नहीं मिलने के बीच अब बिजली सिक्योरिटी मनी का अतिरिक्त भार भी उन पर पड़ने वाला है। इंकैब क्षेत्र के 1050 फ्लैट, क्वार्टर और बंगले में रहने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को नई व्यवस्था के तहत सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। टाटा स्टील यूआइएसएल पूरे इंकैब क्षेत्र को एक यूनिट मानकर बिजली आपूर्ति करती है। क्षेत्र में आठ कमेटियों के माध्यम से बिजली वितरण किया जाता है। कंपनी ने बिजली दर में वृद्धि के साथ सिक्योरिटी मनी भी बढ़ा दी है। इसके तहत प्रत्येक कमेटी को लगभग पांच से आठ लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने का निर्देश दिया गया है। इससे प्रत्येक परिवार पर करीब 2500 से 3000 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ने की संभावना है।

यह भी पढे : सावन में बाबा धाम की यात्रा होगी आसान, रांची से बढ़ेंगी बसें और चलेगी स्पेशल ट्रेन

सिक्योरिटी मनी जमा नहीं करने पर कंपनी प्रबंधन ने 20 जुलाई को केबल टाउन क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। बाद में दो कमेटियों द्वारा तीन माह के पोस्ट डेटेड चेक जमा करने के बाद बिजली बहाल की गई। अब सभी

एनसीएलटी के आदेश पर स्टे की है तैयारी : शिवशंकर

 एनसीएलटी की कोलकाता बेंच से तीन दिसंबर 2025 को आदेश आया था। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से स्टे लेने की तैयारी की जा रही है। इंकैब संघर्ष समिति की गुरुवार शाम केबल टाउन में बैठक हुई जिसमें यह चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर सिंह ने कहा कि पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक वरीय अधिवक्ता से सलाह ली जा रही है। इसके लिए उन्हें केस के सभी पहलुओं और आए आदेश का विवरण भेजा जा रहा है ताकि कर्मचारियों की क्लेम राशि का उचित मुआवजा मिल सके। वहीं, बैठक में पांच अगस्त को अपीलिएट कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी चर्चा हुई। जहां एनसीएलटी से आए को चुनौती दी गई है। बैठक में डा. बीबी महतो, यूके शर्मा सहित समिति के कई सदस्य उपस्थित थे।

केबल टाउन क्षेत्र में सिक्योरिटी मनी जमा नहीं करने पर बिजली काट दी गई थी। सांसद-विधायक की पैरवी के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने कुछ नहीं सुना इसलिए सभी घरों से सिक्योरिटी मनी के रूप में अतिरिक्त राशि लेकर जमा किया जाएगा। – राजेश सिंह, कर्मचारी पुत्र।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator