सोशल संवाद / चक्रधरपुर : शिक्षा विभाग से संबंधित वित्तीय एवं प्रशासनिक शिकायतों पर मुख्यमंत्री सचिवालय, झारखंड, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) तथा माननीय लोकायुक्त के संज्ञान के बीच चक्रधरपुर प्रखंड में PFMS भुगतान से संबंधित एक नया कार्यालय आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के बाद पूरे पोड़ाहाट क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं एवं मदों में राशि आवंटन तथा भुगतान प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

यह भी पढ़े : मुहर्रम को लेकर पश्चिमी सिंहभूम में हाई अलर्ट, डीसी-एसपी ने की विधि-व्यवस्था की समीक्षा
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, चक्रधरपुर द्वारा जारी आदेश संख्या 231, दिनांक 19.06.2026 के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ईको क्लब, रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण, SMC प्रशिक्षण, STC, यूनिफॉर्म तथा अन्य मदों में लंबित राशि को संबंधित विद्यालयों के SNA खातों में पुनः आवंटित किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। आदेश के साथ जारी सूची के अनुसार विभिन्न विद्यालयों को कुल ₹7,04,746 की राशि भुगतान हेतु चिह्नित की गई है। साथ ही विद्यालयों को PFMS पोर्टल पर व्यय विवरण अपलोड कर आवश्यक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता बैरम खान ने कहा कि यह आदेश कई महत्वपूर्ण प्रश्नों को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि शिकायतें केवल चक्रधरपुर प्रखंड तक सीमित नहीं थीं, बल्कि पोड़ाहाट क्षेत्र के चक्रधरपुर, सोनुआ, गोईलकेरा, मनोहरपुर, आनंदपुर एवं बंदगांव प्रखंडों से भी वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
उन्होंने कहा कि यदि चक्रधरपुर प्रखंड में विभिन्न मदों की लंबित राशि पुनः आवंटित की जा रही है, तो यह भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए कि पोड़ाहाट क्षेत्र के अन्य प्रखंडों में उक्त मदों की राशि समय पर उपलब्ध कराई गई थी या नहीं। यदि उपलब्ध कराई गई है, तो विद्यालयवार, मदवार एवं राशि आवंटन का संपूर्ण विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
बैरम खान ने बताया कि उनके द्वारा प्रस्तुत शिकायत पर मुख्यमंत्री सचिवालय, झारखंड ने संज्ञान लेते हुए मामले को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, रांची को समुचित कार्रवाई हेतु अग्रसारित किया है। वहीं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), झारखंड ने परिवाद संख्या 246/2026 दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई प्रारंभ किए जाने की जानकारी दी है तथा विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया है। इसके अतिरिक्त मामला माननीय लोकायुक्त, झारखंड के समक्ष भी विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान आदेश से यह स्पष्ट है कि वित्तीय मामलों को लेकर विभागीय स्तर पर गतिविधियां तेज हुई हैं। ऐसे में जनहित में यह आवश्यक है कि केवल चक्रधरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे पोड़ाहाट क्षेत्र के सभी संबंधित प्रखंडों में PFMS भुगतान, राशि आवंटन, व्यय विवरण तथा वित्तीय अभिलेखों की स्थिति सार्वजनिक की जाए।
बैरम खान ने राज्य सरकार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, ACB, लोकायुक्त तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच कराई जाए, सभी वित्तीय अभिलेखों एवं भुगतान विवरणों का परीक्षण कराया जाए तथा जांच पूरी होने तक संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को लक्ष्य बनाना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा सार्वजनिक धन के सही उपयोग को सुनिश्चित करना है। यदि सभी कार्य नियमानुसार हुए हैं, तो संबंधित वित्तीय विवरण सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
“जनता का पैसा, जनता को हिसाब” तथा “पारदर्शिता ही विश्वास का आधार है” के सिद्धांत पर ही शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकती है।










