Responsive Full Width Slider
Advertisement 1
Advertisement 2

Hemant Soren News: झारखंड हाईकोर्ट ने आचार संहिता उल्लंघन मामले की FIR रद्द, मुख्यमंत्री को बड़ी राहत

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
Hemant Soren News
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज आचार संहिता उल्लंघन मामले की प्राथमिकी (FIR) को निरस्त कर दिया है। इस फैसले के साथ ही मुख्यमंत्री के खिलाफ इस मामले में चल रही पूरी न्यायिक प्रक्रिया समाप्त हो गई है।

यह भी पढ़े : स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर, उपायुक्त ने की स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा

जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने सुनाया फैसला

Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

मामले की सुनवाई जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता हेमंत सोरेन और राज्य सरकार, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए आदित्यपुर थाना में दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया।

2014 विधानसभा चुनाव से जुड़ा था मामला

यह मामला वर्ष 2014 के झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान कथित आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा था। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना कांड संख्या 418/2014 के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि दर्ज एफआईआर और उसके आधार पर चल रही कार्रवाई कानून के अनुरूप नहीं है। इसलिए प्राथमिकी को निरस्त किया जाना चाहिए।

पहले ही ट्रायल पर लग चुकी थी रोक

इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट पहले ही निचली अदालत में चल रही ट्रायल प्रक्रिया पर रोक लगा चुका था। अंतिम सुनवाई में अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों का अध्ययन करने के बाद मुख्यमंत्री की याचिका स्वीकार कर ली और एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री को मिली बड़ी कानूनी राहत

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लंबे समय से लंबित इस मामले में बड़ी राहत मिली है। एफआईआर रद्द होने के साथ ही इस प्रकरण से जुड़ी न्यायिक कार्रवाई भी समाप्त हो गई है।

राजनीतिक हलकों में फैसले की चर्चा

झारखंड हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य के राजनीतिक और कानूनी हलकों में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत माना जा रहा है। हालांकि, अदालत के आदेश में उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि मामला अब इस एफआईआर के संदर्भ में समाप्त हो गया है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट

Social Samvad Creator