April 17, 2024 5:55 pm
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चंद्रयान-3 की सफलता के बाद ISRO का ‘मिशन है सूर्य’ जल्द होगा लॉन्च

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सोशल संवाद / डेस्क : चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) सूर्य मिशन को लॉन्च करने की तैयारी कर रहे है। सूरज का अध्ययन करने के लिए 2 सितंबर को ‘आदित्य-एल1’ का प्रक्षेपण किया जा सकता है। इस अंतरिक्ष यान को सौर कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परतों) के दूरस्थ अवलोकन और एल1 (सूर्य-पृथ्वी लाग्रेंज बिंदु) पर सौर हवा की स्थिति की स्डटी के लिए बनाया गया है। आपको बता दे कि एल1 पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है। यह सूर्य के अवलोकन के लिए पहला समर्पित भारतीय अंतरिक्ष मिशन होगा, जिससे अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की ओर से प्रक्षेपित किया जाएगा। आदित्य-एल1 मिशन का लक्ष्य एल1 के चारों ओर की कक्षा से सूर्य का अध्ययन करना है। यह अंतरिक्ष यान 7 पेलोड लेकर जाएगा, जो अलग-अलग वेव बैंड में फोटोस्फेयर, क्रोमोस्फेयर (सूर्य की दिखाई देने वाली सतह से ठीक ऊपरी सतह) और सूर्य की सबसे बाहरी परत (कोरोना) का निरीक्षण करने में मदद करेंगे।

आदित्य-एल-1 के 7 पेलोड की खासियतें

आदित्य-एल1 में सौर कोरोना और कोरोनल मास इजेक्शन की गतिशीलता का अध्ययन करने के लिए विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (वीईएलसी), अल्ट्रा-वायलेट (यूवी) के निकट सौर प्रकाशमंडल और क्रोमोस्फीयर की तस्वीरें लेने व यूवी के निकट सौर विकिरण भिन्नता को भी मापने के लिए सौर अल्ट्रा-वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (एसयूआईटी) पेलोड है। सौर पवन और उनका ऊर्जा वितरण का अध्ययन करने के लिए आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (एएसपीईएक्स) और प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज फॉर आदत्यि (पीएपीए) पेलोड हैं। इसी तरह ऊर्जा रेंज में सूर्य से आने वाली एक्स-रे फ्लेयर्स का अध्ययन करने के लिए सोलर लो एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (एसओएलइएक्सउस) और हाई एनर्जी एल-1 ऑर्बिटिंग एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर वस्तिृत एक्स-रे हैं। अंतरग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र को मापने के लिए सक्षम मैग्नेटोमीटर पेलोड लगा है।

प्रज्ञान और विक्रम की चांद पर चहलकदमी

गौरतलब है कि इसरो ने बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस लैंडर मॉड्यूल की सॉफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की। भारतीय समयानुसार शाम करीब 6 बजकर 4 मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। साथ ही चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बना है।इसरो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह वीडियो साझा करते हुए संदेश लिखा, ‘…और चंद्रयान-3 का रोवर, लैंडर से निकलकर इस तरह चंद्रमा की सतह पर चला।’ भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने चंद्रयान-3 के लैंडर के चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने के बाद चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरा (ओएचआरसी) से ली गई उसकी तस्वीर भी जारी की। मालूम हो कि चंद्रयान-2 ऑर्बिटर को 2019 में प्रक्षेपित किया गया था। यह अब भी चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगा रहा है।

 

 

 

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