सोशल संवाद/डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मथुरा रोड पर दिल्ली हाईकोर्ट के पास पैदल यात्रियों के सड़क पार करने के लिए क्रॉसिंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर चिंता जताई। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया और कहा कि अगली सुनवाई से पहले समुचित कदम नहीं उठाया जाता है तो जज खुद धरना देंगे।
यह भी पढ़े : हवाई किराये पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, भारतीय वायुयान अधिनियम के नियमों को मंजूरी
न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की पीठ ने केंद्र सरकार को समुचित कदम उठाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा रोड क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए ये बातें कहीं। न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने इस मामले में 15 सितंबर को पीठ को बताया था कि सरकार ने उस सड़क पर एक रेड लाइट लगा दी है। इस पर अदालत ने कहा था कि लाल बत्ती लगा देना समस्या का समाधान नहीं है। हालांकि, पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट क्रॉसिंग के पास स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप्स लगाने का सुझाव दिया था, इससे वहां गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो जाएगी। पूर्व में सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला ने चेतावनी देते हुए कहा था कि जज खुद वहां जाकर देखेंगे कि जरूरी काम हुआ है या नहीं।










