सोशल संवाद / डेस्क : गणेश चतुर्थी 2026 से पहले प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से बनी गणेश प्रतिमाओं को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष POP की मूर्तियों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करना संभव नहीं है। हालांकि, भविष्य में ऐसी प्रतिमाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह बंद करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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इस साल POP मूर्तियों पर प्रतिबंध क्यों नहीं?
मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिट्टी से बनी पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाओं के उपयोग की अपील का सम्मान करती है। लेकिन इस वर्ष अचानक POP मूर्तियों पर रोक लगाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार भविष्य में मिट्टी की प्रतिमाओं को बढ़ावा देने और POP मूर्तियों को धीरे-धीरे चलन से बाहर करने की दिशा में काम करेगी।
हाई कोर्ट ने पूछा- क्या पीएम मोदी को बताया गया?
मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खता की पीठ ने सरकार से पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस स्थिति से अवगत कराया गया है। हाल ही में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने की अपील की थी।
इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री की अपील का गंभीरता से पालन किया जाएगा और आने वाले वर्षों में पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
पर्यावरण प्रदूषण को लेकर दायर हुई थीं याचिकाएं
बॉम्बे हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें कहा गया है कि POP से बनी मूर्तियों के विसर्जन से नदियों, झीलों और समुद्र के जल में प्रदूषण बढ़ता है। इसी मुद्दे पर अदालत सरकार से लगातार जवाब मांग रही है।
छह फीट से ऊंची POP प्रतिमाओं पर क्या होगा?
महाराष्ट्र सरकार ने हाई कोर्ट से अनुरोध किया कि वर्ष 2025 में दिए गए उस आदेश को इस साल भी जारी रखा जाए, जिसके तहत छह फीट से ऊंची POP गणेश प्रतिमाओं के समुद्र में विसर्जन की अनुमति दी गई थी। अब इस मामले में हाई कोर्ट के अगले आदेश पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत का फैसला आने वाले समय में महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के दौरान मूर्तियों के निर्माण और विसर्जन की व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।









