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NCERT की नई कक्षा 9 की किताब में बड़ा बदलाव! ‘समाजवाद’ और ‘धर्मनिरपेक्षता’ के संदर्भ हटे, SIR और इमरजेंसी को मिली जगह

By Riya Kumari

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NCERT की नई कक्षा 9 की किताब में बड़ा बदलाव! 'समाजवाद' और 'धर्मनिरपेक्षता' के संदर्भ हटे, SIR और इमरजेंसी को मिली जगह

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सोशल संवाद / डेस्क : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 के लिए नई सोशल साइंस पाठ्यपुस्तक जारी की है। संशोधित पुस्तक में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनको लेकर शिक्षा और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। नई किताब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), 1975-77 की इमरजेंसी और न्यायपालिका की भूमिका जैसे विषयों को शामिल किया गया है, जबकि संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का पूरा पाठ और “समाजवाद” व “धर्मनिरपेक्षता” जैसे शब्दों के पुराने संदर्भ अब पुस्तक में नहीं हैं।

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नई किताब में क्या-क्या बदला?

नई सोशल साइंस पुस्तक अब इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें लोकतंत्र, शासन व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारियों पर नए तरीके से सामग्री दी गई है। वहीं, पहले की पुस्तक में शामिल संविधान की प्रस्तावना का पूरा पाठ और “समाजवाद” व “धर्मनिरपेक्षता” की विस्तृत व्याख्या अब शामिल नहीं है।

पहली बार कक्षा 9 में इमरजेंसी पर विस्तृत अध्याय

नई पुस्तक में पहली बार वर्ष 1975 से 1977 के आपातकाल (Emergency) पर एक अलग खंड जोड़ा गया है। इसमें इसे भारतीय लोकतंत्र के सामने आई एक बड़ी चुनौती के रूप में प्रस्तुत किया गया है और उस दौर में नागरिक अधिकारों एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभाव का उल्लेख किया गया है।

SIR को भी पाठ्यक्रम में मिली जगह

नई किताब में Special Intensive Revision (SIR) का भी उल्लेख किया गया है। इसे निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची के अद्यतन से जुड़े एक उदाहरण के रूप में शामिल किया गया है, ताकि छात्रों को चुनावी व्यवस्था की कार्यप्रणाली समझाई जा सके।

शिक्षा और राजनीति में छिड़ी बहस

पाठ्यपुस्तक में किए गए इन बदलावों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नए पाठ्यक्रम ढांचे के अनुरूप बदलाव बता रहे हैं, जबकि कुछ ने संविधान से जुड़े कुछ संदर्भों के हटने पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक और शैक्षणिक स्तर पर बहस जारी है।

NCERT की नई कक्षा 9 सोशल साइंस पुस्तक में किए गए बदलाव शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माने जा रहे हैं। नई किताब में समकालीन विषयों और ऐतिहासिक घटनाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। आने वाले समय में इन परिवर्तनों का छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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