सोशल संवाद/डेस्क: Tata Steel में वेज रिवीजन को लेकर मैनेजमेंट और यूनियन में नही बनी बात में वेज रिवीजन समझौता को लेकर सोमवार को लंबी बैटक हुई. करीब तीन घंटे तक चली बैठक के दौरान यूनियन और मैनेजमेंट अपनी-अपनी बातों पर अड़ी रही. बैठक में एक बार फिर से मैनेजमेंट ने अपने ही प्रस्ताव पर बातें की और प्रेजेंटेशन दिया. वेज कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी को लेकर गंभीर चिंता जतायी गयी और उत्पादकता किस तरह कलिंगानगर, मेरामंडली समेत अन्य लोकेशन में बेहतर है और जमशेदपुर में किस तरह कम है, इसको कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसके बारे में भी जानकारी दी गयी.
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बताया जाता है कि मैनेजमेंट ने कुल मिलाकर 8 साल का समझौता करने का दबाव बनाया और एमजीबी को किसी भी हाल में 7.5 फीसदी से अधिक नहीं करने पर अड़ी. इस दौरान टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से मौजूद अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने किसी भी हाल में 8 साल का समझौता करने से इनकार कर दिया और कम से कम 6 साल का समझौता करने का अपनी ओर से प्रस्ताव दे दिया. वहीं, एमजीबी को पिछली बार की तरह ही 12 फीसदी से अधिक रखने पर जोर दिया गया. इस दौरान दोनों ओर से काफी गर्मागर्मी रही.
15 मई तक समझौता करने का लक्ष्य
टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता को लेकर लगातार वार्ता चल रही है. बताया जाता है कि मैनेजमेंट और यूनियन की ओर से यह डेडलाइन तय कर दिया गया है कि हर हाल में समझौता 15 मई तक कर लिया जायेगा. इसको लेकर लगातार बैठक करते रहने की रणनीति बनायी गयी है. जिस बिंदु पर पेच फंस रहा है, उसको साइड करके दूसरे बिंदु पर बातें होती हैं और फिर अंत में विवादित चीजों को हाथ लगाया जायेगा.









