सोशल संवाद / जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े अस्पताल एमजीएम में जल्द ही आग से बचाव में अत्याधुनिक सुरक्षा यंत्र लगाए जाएंगे। अस्पताल में फायर प्रोटेक्शन और फायर डिटेक्शन सिस्टम के साथ फायर अलार्म पैनल लगाने का आदेश स्वास्थ्य मुख्यालय से पहले से था, लेकिन लखनऊ के ट्रेनिंग संस्थान में आग लगने के बाद सतर्कता बढ़ गई।
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अस्पताल में आग से बचाव का उपाय करने के लिए एजेंसी की चयन प्रक्रिया शुरू है, ताकि चरणबद्ध तरीके से अस्पताल के हर मंजिल को अग्नि सुरक्षा उपकरण से जोड़ा जा सके। बताया जाता है कि 393 करोड़ से मानगो डिमना में निर्मित 550 बेड के अस्पताल में करीब 300 मरीज हमेशा भर्ती रहते हैं, जबकि विभिन्न ओपीडी एवं अन्य तरह की जांच में रोज करीब 2000 मरीजों की आवाजाही होती है। इसके अलावा मेडिकल के दर्जनों छात्र, मरीजों के परिजन, डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मचारी अस्पताल में 24 घंटे मौजूद रहते हैं।
इससे आग से बचाव का मुद्दा अस्पताल में शुरू से उठते रहा है। उम्मीद है कि, ढाई-तीन महीने में अस्पताल फायर अलार्म, प्रोटेक्शन एवं डिटेक्शन यंत्र लगाने का काम शुरू हो जाएगा।पूर्व से लगा है फायर पंप और हाइड्रेट एमजीएम अस्पताल निर्माण के दौरान आग की घटना से निपटने की व्यवस्था की गई थी। इससे अस्पताल के हर मंजिल पर पहले से फायर पंप, हाइड्रेट और आपातकालीन निकास की सुविधा हैं। इसके अलावा आग पर काबू पाने के लिए अग्निशामक यंत्र रखे गए हैं।










