सोशल संवाद / डेस्क : देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी दो अहम संस्थाओं NCERT और CBSE में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। संसद की Estimates Committee ने इन रिक्तियों पर गंभीर चिंता जताते हुए समयबद्ध और तेज भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत बताई है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि CBSE से संबद्ध स्कूलों और छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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NCERT में 1,596 पद खाली
संसदीय समिति की 2026-27 की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 तक NCERT में 2,844 पद स्वीकृत थे। इनमें सिर्फ 1,248 पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि 1,596 पद खाली थे। यानी NCERT के कुल स्वीकृत पदों में 56 फीसदी से ज्यादा पद रिक्त हैं।
इन रिक्तियों में:
- 145 अकादमिक पद
- 131 स्कूल-शिक्षण पद
- 916 मंत्रालयिक पद
- 404 सहायक पद
शामिल हैं।
समिति ने कहा कि NCERT देश की स्कूली शिक्षा की दिशा और स्वरूप तय करने वाली प्रमुख संस्था है। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर पद खाली रहना चिंता का विषय है।
CBSE में भी 933 पद खाली
Central Board of Secondary Education यानी CBSE में भी बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड में कुल 2,117 स्वीकृत पदों में से 933 पद खाली हैं। यह कुल स्वीकृत पदों का करीब 44 फीसदी है।
CBSE में सबसे ज्यादा कमी ग्रुप-C सपोर्ट स्टाफ के स्तर पर बताई गई है, जहां 595 पद रिक्त हैं। समिति ने कहा कि स्थायी कर्मचारियों की कमी के कारण बोर्ड को अपने कई नियमित कार्यों के लिए अस्थायी और संविदा कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता है।
बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर चिंता
संसदीय समिति ने CBSE में कर्मचारियों की कमी को राष्ट्रीय स्तर की बोर्ड परीक्षा व्यवस्था से भी जोड़कर देखा है। समिति के मुताबिक, स्थायी स्टाफ की कमी से परीक्षाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता और सुचारु संचालन प्रभावित होने का जोखिम हो सकता है।
समिति ने संवेदनशील परीक्षा संबंधी कार्यों में अस्थायी कर्मचारियों पर निर्भरता कम करने और खाली पदों को फास्ट-ट्रैक एवं समयबद्ध भर्ती के जरिए भरने की सिफारिश की है।
CBSE से जुड़े स्कूलों और छात्रों की संख्या में बड़ा इजाफा
रिपोर्ट में CBSE के बढ़ते दायरे का भी जिक्र किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, CBSE से संबद्ध स्कूलों की संख्या 1992-93 में 3,787 से बढ़कर 2024-25 में 31,234 हो गई। वहीं 2025 तक CBSE से जुड़े कक्षा 12 के छात्रों की संख्या 17 लाख से ज्यादा और कक्षा 10 के छात्रों की संख्या 23.8 लाख से अधिक बताई गई है। स्कूलों और छात्रों की बढ़ती संख्या के साथ बोर्ड की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। इसी वजह से समिति ने CBSE के स्थायी स्टाफ को मजबूत करने पर जोर दिया है।
NCERT और CBSE में कितने पद खाली?
| संस्था | स्वीकृत पद | खाली पद | रिक्तियां |
|---|---|---|---|
| NCERT | 2,844 | 1,596 | 56% से अधिक |
| CBSE | 2,117 | 933 | करीब 44% |
समिति ने सरकार से क्या कहा?
संसदीय समिति ने केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए तत्काल और समयबद्ध कदम उठाने की सिफारिश की है।
NCERT में अलग-अलग श्रेणियों के खाली पदों को भरने पर जोर दिया गया है। वहीं CBSE के मामले में विशेष रूप से परीक्षा से जुड़े संवेदनशील कार्यों के लिए पर्याप्त स्थायी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई है।









