सोशल संवाद/डेस्क : सरकार खाने के तेल के लिए मानक पैक साइज तय करने पर विचार कर रही है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने उद्योग संगठनों के साथ बैठक के बाद यह प्रस्ताव परखना शुरू कर दिया है। दरअसल बाजार में 650 ग्राम, 700 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम और 870 ग्राम जैसे तरह-तरह के पैक आ गए हैं, जो दिखने में लगभग एक जैसे हैं। इससे ग्राहकों के लिए कीमतों की तुलना मुश्किल हो गया है।
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20 मई को उपभोक्ता मामलों के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन समेत सेक्टर के करीब 90% हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन शामिल हुए। इन संगठनों ने 200 एमएल से लेकर 20 लीटर तक के मानक पैक साइज सुझाए हैं। 200 एमएल से छोटे पैक को इससे बाहर रखने का सुझाव है, ताकि सस्ते छोटे पैक उपलब्ध रहें।
मनमाने पैक साइज की छूट 2022 में मिली थी
यह बदलाव 2022 में मिली उस छूट को पलट देगा, जिसमें मानक पैक साइज की अनिवार्यता हटा दी गई थी। कंपनियों को अपने हिसाब से पैकेजिंग चुनने की आजादी है। नए प्रस्तावित नियम घरेलू और आयातित, दोनों तरह के तेल पर लागू होंगे।
यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब देश में खाद्य तेल की खपत बढ़ रही है। 2020-21 में 2.46 करोड़ टन की खपत 2022-23 में बढ़कर 2.89 करोड़ टन हो गई। प्रति व्यक्ति खपत भी 2000 के दशक की शुरुआत में 8-9 किलो थी, जो अब सालाना 19.7 किलो हो गई है।










