सोशल संवाद / रांची : मरीजों को बेहतर सुविधा के लिए रिम्स में 10 नए विभाग खुलेंगे। इसके साथ ही 466 करोड़ से रिम्स कैंपस का कायाकल्प होगा। वहीं, डीआईजी ग्राउंड में पीपीपी मोड में पीजी व एसआर के लिए हॉस्टल बनेगा। यहां अत्याधुनिक खेल मैदान भी तैयार होगा। यह फैसला गुरुवार को रिम्स जीबी की 66वीं बैठक में लिया गया।
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इमरजेंसी सेवाओं की जरूरतों को देख 200 से अधिक वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड, इको और एक्स-रे जांच की सुविधाओं का विस्तार करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए इको व अल्ट्रासाउंड मशीनें खरीदी जाएंगी। आधुनिक चिकित्सा उपकरणव तकनीक अपनाने से गंभीर मरीजों की
जांच व इलाज में तेजी आएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि यह देखने को मिलता है कि इको और अल्ट्रासाउंड में कतार रहती है। ऐसे में कई बार समय पर मरीज को इलाज नहीं मिल पाता है।
पीजी और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें बढ़ेंगीः रिम्स में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार के लिए पीजी की सीटें 176 से बढ़ाकर 256 और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें 11 से बढ़ाकर 150 करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रोन्नति के लिए नई सेवा शर्त पर सहमति
रिम्स में डॉक्टरों की प्रोन्नति की नई सेवा शर्त को मंजूरी दी गई है। अब रिसर्च के अलावा पीजी छात्रों को गाइड करने और अधिक मरीज देखने वाले डॉक्टरों को प्रोन्नति में वेटेज मिलेगा। पहले केवल रिसर्च को ही इसका आधार माना जाता था।
स्थाई निदेशक की नियुक्ति तक डॉ. सिन्हा बने रहेंगे
प्रभारी निदेशक डॉ. डीके सिन्हा के कार्यकाल विस्तार का प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्थायी निदेशक की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकलेगा, तब तक डॉ. सिन्हा बने रहेंगे। संस्थान के बेहतर संचालन को 10 नई स्थायी समितियां बनेंगी।











