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सोना देवी विश्वविद्यालय और TCS के बीच महत्वपूर्ण समझौता, विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीक और उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण

By Riya Kumari

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सोना देवी विश्वविद्यालय और TCS के बीच महत्वपूर्ण समझौता, विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीक और उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण
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सोशल संवाद/जमशेदपुर : विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में सोना देवी विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। सोना देवी मेमोरियल एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट और देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।

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इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित डिग्री शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक, उद्योग की कार्यप्रणाली और बदलती रोजगार जरूरतों से परिचित कराना है। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह पहल विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक कार्यक्षेत्र की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगी।

डिग्री के साथ मिलेगा आधुनिक तकनीकी ज्ञान

समझौते के तहत TCS iON Industry Honour Curriculum को विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी नियमित डिग्री के साथ उद्योग से जुड़े क्षेत्रों और आधुनिक तकनीक में विशेष ज्ञान एवं कौशल हासिल कर सकेंगे।

इस कार्यक्रम का फोकस विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें उद्योग की वास्तविक जरूरतों और कार्यप्रणाली से परिचित कराने पर रहेगा।

45 घंटे का विशेष प्रशिक्षण

कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को कुल 45 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें डिजिटल अध्ययन सामग्री, वीडियो, पीडीएफ और अन्य शिक्षण संसाधनों के साथ निर्धारित अध्ययन योजना उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा TCS की ओर से नामित विषय विशेषज्ञ विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्यक्ष कक्षाएं और प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित करेंगे। इससे विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने, सवाल पूछने और विषय के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।

120 विद्यार्थियों को दो समूहों में प्रशिक्षण

प्रशिक्षण को प्रभावी और संवादात्मक बनाने के लिए 120 विद्यार्थियों को 60-60 विद्यार्थियों के दो समूहों में विभाजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार TCS के विशेषज्ञ विश्वविद्यालय परिसर में प्रशिक्षण सत्र संचालित करेंगे।

छोटे समूहों में प्रशिक्षण से विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और उन्हें विशेषज्ञों से बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

डिग्री के साथ स्किल और प्रैक्टिकल नॉलेज पर जोर

आज के प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में केवल डिग्री को पर्याप्त नहीं माना जाता। कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं, जिनके पास तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ, समस्या समाधान की क्षमता और नई तकनीकों की जानकारी हो।

विश्वविद्यालय के अनुसार, TCS के साथ यह समझौता शिक्षा और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। इससे विद्यार्थियों को कक्षा से वास्तविक कार्यक्षेत्र तक की यात्रा के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।

प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर ने बताया महत्वपूर्ण अवसर

सहायक कुलसचिव एवं प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर अर्चना सिंह ने कहा कि TCS के साथ हुआ समझौता विद्यार्थियों के लिए सीखने और तकनीकी क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिग्री के साथ कौशल और व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और रोजगार क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा।

कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। TCS विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझने और अपने तकनीकी कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

कुलपति बोले- शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय जरूरी

कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय बेहद जरूरी है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव से सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि TCS के साथ यह समझौता विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योग की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ भविष्य की तकनीकी और रोजगार संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।

कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने क्या कहा?

कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने इस समझौते को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा, “आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान को कौशल में और कौशल को रोजगार में बदलना है।”

उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि TCS जैसी प्रतिष्ठित संस्था के साथ साझेदारी से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसरों का मार्ग खुल सकता है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी प्रतिष्ठित उद्योगों और संस्थानों के साथ ऐसे सहयोग को बढ़ावा देगा, ताकि विद्यार्थी तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप तैयार हो सकें।

समझौते के दौरान ये रहे मौजूद

समझौते के अवसर पर TCS के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी प्रभाकर प्रमाणिक और सांचों जोसफ मौजूद रहे।

विश्वविद्यालय की ओर से कुलाधिपति प्रभाकर सिंह, कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा, कुलसचिव डॉ. नीत नयना, सहायक कुलसचिव एवं प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर अर्चना सिंह तथा इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष पूजा तिवारी उपस्थित रहीं।

इसके अलावा कंप्यूटर साइंस एवं बीसीए विभाग से एस.के. आरिफ और सुश्री दीप्तिशिखा नस्कर सहित इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, बीसीए और अन्य विभागों के सहायक प्राध्यापक एवं शिक्षक मौजूद रहे।

इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों और TCS प्रतिनिधियों के बीच विद्यार्थियों के तकनीकी विकास, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा भी हुई।

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