एसआईआर : पूर्वी सिंहभूम में 3.95 लाख मतदाताओं के नाम हटेंगे

By Sanjana Das

Published :

Follow
एसआईआर : पूर्वी सिंहभूम में 3.95 लाख मतदाताओं के नाम हटेंगे

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / जमशेदपुर :  19 लाख सात हजार 244 मतदाता वाले – पूर्वी सिंहभूम जिले की वोटर लिस्ट से 3,95,439 मतदाताओं का नाम हटना तय माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि एसआईआर के दौरान इनके फॉर्म वापस नहीं लौटे। इनमें सबसे अधिक मतदाता जमशेदपुर पश्चिम और जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के – हैं। सिर्फ इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में ही ऐसे वोटरों की संख्या 2.23 लाख से अधिक है।

यह भी पढे : पश्चिम सिंहभूम में नए वोटरों के लिए सुनहरा मौका, 5 अगस्त से शुरू होगा नाम जोड़ने का अभियान

ऐसे मतदाता, जिनकी मैपिंग नहीं हुई, उनकी संख्या दो लाख 928 है। ऐसे मतदाताओं की संख्या जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक – 68,586 है। जमशेदपुर पश्चिम में इनकी संख्या 59,666 है। एसआईआर के दौरान कुछ अन्य आंकड़े जो उल्लेखनीय हैं, उनमें मृत वोटरों की संख्या है। 49448 वोटरों की मौत हो चुकी है। एक लाख 45 हजार 462 वोटर स्थायी रूपसे पुराना आवास छोड़ चुके हैं। जमशेदपुर पूर्वी में इनकी संख्या 68,692 के साथ सबसे अधिक है। जमशेदपुर पश्चिम में यह संख्या 23,538 है। 13,589 वोटर ऐसे हैं, जिनके नाम पहले से किसी और जगह की मतदाता सूची में मौजूद हैं।

तकनीकी भाषा में इन्हें डुप्लीकेट वोटर कहा जाता है। गायब या लापता वोटरों की संख्या 1,83,558 है। इनके अलावा 3,382 मतदाता ऐसे हैं जो या तो विदेशी नागरिक हैं अथवा उन्होंने फॉर्म भरने से इनकार कर दिया। मालूम हो कि एसआईआर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध, पारदर्शी और अपडेट करने के लिए चलाया जाने वाला एक देशव्यापी विशेष अभियान है। इसका मुख्य ध्येय यह है कि कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से छूटे नहीं और किसी भी अयोग्य का नाम सूची में न रहे।

ईआरओ और एईआरओ करेंगे सुनवाई

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पांच अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा। इसे सभी बूथों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी व सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और जिला मुख्यालय में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे मतदाता जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, वे दावा-आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। दूसरी ओर, प्रारूप प्रकाशन के तीन-चार दिन बाद से ऐसे मतदाताओं के नाम नोटिस जारी होना शुरू हो जाएगा, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। ईआरओ और एईआरओ उनकी सुनवाई जज की तरह करेंगे।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version